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25 करोड़ से 927 ग्राम पंचायतों में होंगे शुद्घ पेयजल के प्रबंध
Updated Mon, 17 Dec 2018 10:32 PM IST
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25 करोड़ से 927 ग्राम पंचायतों में होगी पेयजल की व्यवस्था
अंबेडकरनगर। जिले के 927 ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस धनराशि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सबमर्सेबिल पंप के साथ ही छोटे ओवरहेड टैंक की स्थापना होगी। पंप को चलाने का प्रबंध सोलर सिस्टम से किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की भूमि पर यह निर्माण होगा। प्रशासन ने इसके लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
जल संचयन को बढ़ावा देने तथा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए जल संसाधन विकास मंत्रालय ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसमें तय किया गया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक सबमर्सेबिल पंप की स्थापना कराई जाएगी। एक छोटा ओवरहेड टैंक बनाया जाएगा, जो ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति करेगा। यह पांच हजार लीटर क्षमता का होगा। इसी स्थान पर 2 हजार लीटर क्षमता का एक टैंक भूमि में बनाया जाएगा, जो पशुओं को पानी उपलब्ध कराएगा। पंप को चलाने के लिए सोलर सिस्टम का प्रबंध होगा। इसी निर्देश का पालन करते हुए जिले में प्रशासन ने योजना को अमल में लाने का प्रबंध शुरू कर दिया है।
योजना के तहत कुल 927 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ। 25 करोड़ 2 लाख 90 हजार रुपये की लागत से सभी ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराई जाएगी। प्रत्येक गांव में 2 लाख 70 हजार रुपये की लागत से समूचे सिस्टम की स्थापना होगी। इसका निर्माण ग्राम पंचायत की भूमि पर आबादी के निकट किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों के साथ साथ मवेशियों को भी शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर की दौड़ न लगानी पड़े। डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार ग्राम प्रधान की सहमति के बाद ग्राम समाज की भूमि पर दस बाई दस वर्ग फिट भूूखंड जल संसाधन विकास मंत्रालय को दिया जाएगा। इसके बाद नामित एजेंसी द्वारा संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। योजना के तहत शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को शीघ्र ही उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रशासन ने जरूरी प्रक्रियाएं तेज कर दी हैं।
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ग्रामीणों ने जताई खुशी
उमरावां निवासी झब्बर व भीटी निवासी सुनील ने कहा कि क्रिटिकल जोन में शामिल क्षेत्रों में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। शासन की इस योजना से क्षेत्र में पेयजल का संकट दूर होगा। यह एक अच्छी पहल है। महरुआ के राजेंद्र व बेवाना के मनीराम ने कहा कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए शासन ने जो पहल की है, वह अत्यंत सराहनीय है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जलालपुर के रंजीत व मालीपुर के अभिषेक ने कहा कि शासन की इस पहल से न सिर्फ आमजन को लाभ मिलेगा, बल्कि मवेशियों को भी पेयजल उपलब्ध कराने में राहत मिलेगी।
शीघ्र होगा कार्य
25 करोड़ 2 लाख 90 हजार रुपये की लागत से जिले की 927 ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। शासन के निर्देश पर इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
-रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ
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अंबेडकरनगर। जिले के 927 ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस धनराशि से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सबमर्सेबिल पंप के साथ ही छोटे ओवरहेड टैंक की स्थापना होगी। पंप को चलाने का प्रबंध सोलर सिस्टम से किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की भूमि पर यह निर्माण होगा। प्रशासन ने इसके लिए इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
जल संचयन को बढ़ावा देने तथा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए जल संसाधन विकास मंत्रालय ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसमें तय किया गया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक सबमर्सेबिल पंप की स्थापना कराई जाएगी। एक छोटा ओवरहेड टैंक बनाया जाएगा, जो ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति करेगा। यह पांच हजार लीटर क्षमता का होगा। इसी स्थान पर 2 हजार लीटर क्षमता का एक टैंक भूमि में बनाया जाएगा, जो पशुओं को पानी उपलब्ध कराएगा। पंप को चलाने के लिए सोलर सिस्टम का प्रबंध होगा। इसी निर्देश का पालन करते हुए जिले में प्रशासन ने योजना को अमल में लाने का प्रबंध शुरू कर दिया है।
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योजना के तहत कुल 927 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ। 25 करोड़ 2 लाख 90 हजार रुपये की लागत से सभी ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराई जाएगी। प्रत्येक गांव में 2 लाख 70 हजार रुपये की लागत से समूचे सिस्टम की स्थापना होगी। इसका निर्माण ग्राम पंचायत की भूमि पर आबादी के निकट किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों के साथ साथ मवेशियों को भी शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर की दौड़ न लगानी पड़े। डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार ग्राम प्रधान की सहमति के बाद ग्राम समाज की भूमि पर दस बाई दस वर्ग फिट भूूखंड जल संसाधन विकास मंत्रालय को दिया जाएगा। इसके बाद नामित एजेंसी द्वारा संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। योजना के तहत शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को शीघ्र ही उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रशासन ने जरूरी प्रक्रियाएं तेज कर दी हैं।
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ग्रामीणों ने जताई खुशी
उमरावां निवासी झब्बर व भीटी निवासी सुनील ने कहा कि क्रिटिकल जोन में शामिल क्षेत्रों में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। शासन की इस योजना से क्षेत्र में पेयजल का संकट दूर होगा। यह एक अच्छी पहल है। महरुआ के राजेंद्र व बेवाना के मनीराम ने कहा कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए शासन ने जो पहल की है, वह अत्यंत सराहनीय है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जलालपुर के रंजीत व मालीपुर के अभिषेक ने कहा कि शासन की इस पहल से न सिर्फ आमजन को लाभ मिलेगा, बल्कि मवेशियों को भी पेयजल उपलब्ध कराने में राहत मिलेगी।
शीघ्र होगा कार्य
25 करोड़ 2 लाख 90 हजार रुपये की लागत से जिले की 927 ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। शासन के निर्देश पर इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
-रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ