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गाजे बाजे के बीच महिलाओं ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। भक्ति गीतों व ढोल नगाड़ों के बीच मंगलवार को नदी के घाटों तथा तालाबों व पोखरों पर पहुंचकर कमर तक पानी में जाकर डूबते हुए सूर्य को महिलाओं ने अर्घ्य दिया। निर्जला व्रत रख कर महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना करने के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान घाटों पर मेले जैसा माहौल दिखा। पूजा-अर्चना के दौरान महिलाओं व उनके साथ आए लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए घाटों पर जरूरी प्रबंध किए गए थे।
नहाय खाय परंपरा से शुरू हुए चार दिवसीय डाला छठ महापर्व के तीसरे दिन निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं हाथों में डाला लिए भक्तिमय गीतों व ढोल नगाड़ों के बीच थिरकते हुए जिले के विभिन्न घाटों पर मंगलवार की शाम पहुंची। अकबरपुर, टांडा, भीटी, जलालपुर व आलापुर तहसील क्षेत्रों में जगह-जगह महिला व पुरुष समूह बनाकर डीजे की धुन पर बज रहे भक्तिमय गीतों के साथ संबंधित घाटों पर पहुंचे।
यहां महिलाओं ने विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की। पूजन में डाला, सूप के अलावा गन्ना, नारियल, अनन्नास, सिंघाड़ा, सेब, केला के साथ गुड़ से निर्मित ठोकवा व चावल के लड्डू आदि लेकर धूप दीप, कुमकुम के साथ अस्ताचलगामी सूर्य नरायन को नमन कते हुए अर्घ्य दिया। बुधवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ ही पर्व का समापन हो जाएगा।
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अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा के निकट स्थित गायत्री मंदिर के पीछे तमसा नदी के तट पर बड़ी संख्या में संजी संवरी महिलाएं पुरुषों के साथ हाथों में पूजा की थालियां लिए हुए पहुंची। यहां विधिविधान पूर्वक अर्घ्य देकर पुत्र की दीर्घायु की कामना की।
अर्घ्य परंपरा निभाने के दौरान महिलाओं को समस्या न हो, इसके लिए अकबरपुर नगर पालिका परिषद ने घाट पर साफ-सफाई के साथ ही प्रकाश के समुचित प्रबंध किए थे। नगर पालिका अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने तमसा नदी के तट पर पहुंचकर महिलाओं से मुलाकात की। साथ ही व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार राजघाट व प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी घाट पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पवित्र सरयू नदी की जलधारा में खड़े होकर सूर्यदेवता की उपासना करते हुए अर्घ्य दिया। साथ ही पुत्रों की दीर्घायु की कामना की। समूचा घाट रंग बिरंगी झालरों से सजा था। भक्तिमय गीतों से घाटों का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो उठा था। इसी प्रकार भीटी, आलापुर व जलालपुर तहसील क्षेत्रों में भी जगह-जगह महिलाओं ने घाटों पर पहुंचकर डूबते सूरज को अर्घ्य दिया।
घाटों पर दिखा सेल्फी का क्रेज
महापर्व के तौर पर बढ़ती जा रही लोकप्रियता के चलते मंगलवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान महिलाओं व युवतियों के बीच सेल्फी लेने का क्रेज भी दिखा। मेले जैसे उल्लास का लुत्फ उठाते हुए महिलाओं ने खूबसूरत दृश्यों को मोबाइल कैमरे में बढ़-चढ़कर कैद किया। इनमें युवतियां भी पीछे नहीं रहीं। साथ आए परिवार के पुरुष सदस्यों ने भी महिला सदस्यों की फोटो को क्लिक किया।
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नहाय खाय परंपरा से शुरू हुए चार दिवसीय डाला छठ महापर्व के तीसरे दिन निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं हाथों में डाला लिए भक्तिमय गीतों व ढोल नगाड़ों के बीच थिरकते हुए जिले के विभिन्न घाटों पर मंगलवार की शाम पहुंची। अकबरपुर, टांडा, भीटी, जलालपुर व आलापुर तहसील क्षेत्रों में जगह-जगह महिला व पुरुष समूह बनाकर डीजे की धुन पर बज रहे भक्तिमय गीतों के साथ संबंधित घाटों पर पहुंचे।
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यहां महिलाओं ने विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की। पूजन में डाला, सूप के अलावा गन्ना, नारियल, अनन्नास, सिंघाड़ा, सेब, केला के साथ गुड़ से निर्मित ठोकवा व चावल के लड्डू आदि लेकर धूप दीप, कुमकुम के साथ अस्ताचलगामी सूर्य नरायन को नमन कते हुए अर्घ्य दिया। बुधवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ ही पर्व का समापन हो जाएगा।
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अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा के निकट स्थित गायत्री मंदिर के पीछे तमसा नदी के तट पर बड़ी संख्या में संजी संवरी महिलाएं पुरुषों के साथ हाथों में पूजा की थालियां लिए हुए पहुंची। यहां विधिविधान पूर्वक अर्घ्य देकर पुत्र की दीर्घायु की कामना की।
अर्घ्य परंपरा निभाने के दौरान महिलाओं को समस्या न हो, इसके लिए अकबरपुर नगर पालिका परिषद ने घाट पर साफ-सफाई के साथ ही प्रकाश के समुचित प्रबंध किए थे। नगर पालिका अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने तमसा नदी के तट पर पहुंचकर महिलाओं से मुलाकात की। साथ ही व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार राजघाट व प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी घाट पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पवित्र सरयू नदी की जलधारा में खड़े होकर सूर्यदेवता की उपासना करते हुए अर्घ्य दिया। साथ ही पुत्रों की दीर्घायु की कामना की। समूचा घाट रंग बिरंगी झालरों से सजा था। भक्तिमय गीतों से घाटों का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो उठा था। इसी प्रकार भीटी, आलापुर व जलालपुर तहसील क्षेत्रों में भी जगह-जगह महिलाओं ने घाटों पर पहुंचकर डूबते सूरज को अर्घ्य दिया।
घाटों पर दिखा सेल्फी का क्रेज
महापर्व के तौर पर बढ़ती जा रही लोकप्रियता के चलते मंगलवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान महिलाओं व युवतियों के बीच सेल्फी लेने का क्रेज भी दिखा। मेले जैसे उल्लास का लुत्फ उठाते हुए महिलाओं ने खूबसूरत दृश्यों को मोबाइल कैमरे में बढ़-चढ़कर कैद किया। इनमें युवतियां भी पीछे नहीं रहीं। साथ आए परिवार के पुरुष सदस्यों ने भी महिला सदस्यों की फोटो को क्लिक किया।