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72 घंटे बाद भी नहीं दुरुस्त की जा सकी सीटी स्कैन मशीन
Updated Wed, 31 Oct 2018 10:49 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में स्थापित सीटी स्कैन मशीन में आई तकनीकी खराब को 72 घंटे बाद बुधवार को भी दुरुस्त नहीं कराया जा सका। नतीजा यह रहा कि बुधवार को सीटी स्कैन के लिए पहुंचे 50 से अधिक मरीजों को मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारियों की मनमानी के चलते 10 से 15 का ही सीटी स्कैन हो पाता है। शेष को नई तारीख दे दी जाती है। बुधवार को भी मशीन के ठीक होने की उम्मीद से बड़ी संख्या में मरीज सीटी स्कैन के लिए पहुंचे, लेकिन उनके हाथ मायूसी ही लगी। सीटी स्कैन न होने के चलते उन्हें विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चलें कि गत 29 अक्तूबर की सुबह जिला अस्पताल में स्थापित सीटी स्कैन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी। इससे सीटी स्कैन के लिए आने वाले मरीजों व उनके साथ आए लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा था। अस्पताल प्रशासन ने दावा किया था कि उसी दिन देर शाम तक तकनीकी खराबी को दूर लिया जाएगा, लेकिन बुधवार तक ऐसा नहीं हो सका। मशीन के ठीक होने की उम्मीद में बुधवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। कक्ष के बाहर लाइन में भी खड़े हो गए। बाद में बताया गया कि अभी तक खराबी दूर नहीं हो सकी है। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों में अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी व्याप्त हो गई।
गौरतलब है कि सीटी स्कैन के लिए मरीजों को इधर उधर की दौड़ लगाने से राहत देने के लिए शासन ने जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन की स्थापना कराने का निर्णय लिया था। सीटी स्कैन मशीन की स्थापना होने का मरीजों को व्यापक लाभ भी मिला। हालांकि समय बीतने के साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते मरीजों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ने लगा। औसतन सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 मरीज आते हैं, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के चलते 10 से 12 का ही सीटी स्कैन हो पाता है। शेष को तारीख दे दी जाती है।
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कब तक मिलेगी तारीख
सीटी स्कैन के लिए आए जलालपुर के रामबुझारथ ने कहा कि उनके भाई का सीटी स्कैन 29 को ही होना था। उस दिन तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए 30 अक्तूबर को बुलाया गया था। जब वे मंगलवार को आए, तो 31 की तारीख दे दी गई। सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है, लेकिन सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है। यह भी नहीं बताया जा रहा कि आखिर गड़बड़ी कब तक दूर हो जाएगी। जहांगीरगंज से आए श्यामलाल ने कहा कि उनकी मां का सीटी स्कैन होना है। लगभग एक माह पहले वे उन्हें लेकर यहां आए थे। 30 अक्तूबर का समय दिया गया था। दी गई तारीख पर आए, लेकिन यहां पता चला कि मशीन में तकनीकी खराबी है। अब 31 को सीटी स्कैन होगा। आज आए, तो एक बार फिर से मायूसी हाथ लगी।
टीम द्वारा की जा रही गड़बड़ी
सीटी स्कैन में आई गड़बड़ी को दूर करने के लिए बुधवार दोपहर लखनऊ से तकनीकी टीम आई है। उम्मीद है कि देर शाम तक गड़बड़ी दूर कर ली जाएगी। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस
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बताते चलें कि गत 29 अक्तूबर की सुबह जिला अस्पताल में स्थापित सीटी स्कैन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी। इससे सीटी स्कैन के लिए आने वाले मरीजों व उनके साथ आए लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा था। अस्पताल प्रशासन ने दावा किया था कि उसी दिन देर शाम तक तकनीकी खराबी को दूर लिया जाएगा, लेकिन बुधवार तक ऐसा नहीं हो सका। मशीन के ठीक होने की उम्मीद में बुधवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। कक्ष के बाहर लाइन में भी खड़े हो गए। बाद में बताया गया कि अभी तक खराबी दूर नहीं हो सकी है। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों में अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी व्याप्त हो गई।
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गौरतलब है कि सीटी स्कैन के लिए मरीजों को इधर उधर की दौड़ लगाने से राहत देने के लिए शासन ने जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन की स्थापना कराने का निर्णय लिया था। सीटी स्कैन मशीन की स्थापना होने का मरीजों को व्यापक लाभ भी मिला। हालांकि समय बीतने के साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते मरीजों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ने लगा। औसतन सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 मरीज आते हैं, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के चलते 10 से 12 का ही सीटी स्कैन हो पाता है। शेष को तारीख दे दी जाती है।
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कब तक मिलेगी तारीख
सीटी स्कैन के लिए आए जलालपुर के रामबुझारथ ने कहा कि उनके भाई का सीटी स्कैन 29 को ही होना था। उस दिन तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए 30 अक्तूबर को बुलाया गया था। जब वे मंगलवार को आए, तो 31 की तारीख दे दी गई। सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है, लेकिन सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है। यह भी नहीं बताया जा रहा कि आखिर गड़बड़ी कब तक दूर हो जाएगी। जहांगीरगंज से आए श्यामलाल ने कहा कि उनकी मां का सीटी स्कैन होना है। लगभग एक माह पहले वे उन्हें लेकर यहां आए थे। 30 अक्तूबर का समय दिया गया था। दी गई तारीख पर आए, लेकिन यहां पता चला कि मशीन में तकनीकी खराबी है। अब 31 को सीटी स्कैन होगा। आज आए, तो एक बार फिर से मायूसी हाथ लगी।
टीम द्वारा की जा रही गड़बड़ी
सीटी स्कैन में आई गड़बड़ी को दूर करने के लिए बुधवार दोपहर लखनऊ से तकनीकी टीम आई है। उम्मीद है कि देर शाम तक गड़बड़ी दूर कर ली जाएगी। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस