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लापरवाही में 25 वीडीओ पर गिरी गाज, प्रतिकूल प्रविष्टि की नोटिस
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:00 AM IST
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अंबेडकरनगर। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिले के 25 ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि की नोटिस जारी किया गया है। कार्य में सहयोग न करने वाले 10 ग्राम प्रधानों को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। दरअसल स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत गांवों को ओडीएफ करने के लिए शौचालय निर्माण के मामले में इन सभी की लापरवाही उजागर हुई है। डीपीआरओ ने नोटिस जारी करने के साथ ही कहा है कि सरकार की महत्वपूर्ण योजना में इस तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं है। ऐसे में यदि उनके द्वारा निर्धारित समयावधि में जवाब देते हुए कार्य में अपेक्षित तेजी न लायी गई तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बताते चलें कि केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जिले के 1651 राजस्व गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इन गांवों में कुल 1 लाख 71 हजार 183 शौचालयों का निर्माण किया जाना था। शासन ने पहले 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर इन गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य दिया। परंतु बारिश व अन्य कारणों से कार्यों में आए अव्यवधान के चलते निर्धारित अवधि में 1 लाख 59 हजार 602 शौचालय का ही निर्माण पूरा हो सका। लक्षित गांवों में से महज 1390 गांव ही ओडीएफ का लक्ष्य पूरा कर सके थे। शेष 261 गांवों में 11 हजार 581 शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हो सका। इस पर शासन ने ओडीएफ करने की समयावधि बढ़ाते हुए 15 अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया। साथ ही जिलाधिकारी को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया है, या फिर जिन गांवों में कार्यों का संचालन हो रहा है उसकी जांच जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर करायी जाए। टीम ने बीते दिनों जांच की तो कई स्थानों पर ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम प्रधानों की लापरवाही सामने आयी। टीम की रिपोर्ट पर बीते दिनों जिलाधिकारी ने जलालपुर विकास खंड के एक ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई भी की।
इसके बावजूद शौचालयों के निर्माण कार्य में तेजी देखने को नहीं मिली। नतीजा यह हुआ कि निर्धारित 15 अक्तूबर की तिथि बीत गई, लेकिन अब भी 130 राजस्व गांव ऐसे हैं, जिन्हें ओडीएफ नहीं किया जा सका। इससे अब प्रशासन ने जिम्मेदार ग्राम पंचायत अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। 25 ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि का नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। साथ ही 10 ग्राम प्रधानों को भी कार्य में सहयोग न करने के बाबत नोटिस दिया गया है। कहा गया कि यह सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में इसके संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यदि निर्धारित समय अवधि में उचित जवाब व कार्य में तेजी न सुनिश्चित की गई तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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नियमित हो रही कार्यों की समीक्षा
जिन गांवों में शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है, वहां शौचालयों के निर्माण की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। साथ ही 25 पंचायत अधिकारी व 10 ग्राम प्रधानों को नोटिस दिया गया है। सभी एडीओ पंचायत से आवश्यक प्रगति रिपोर्ट भी समय-समय पर तलब की जा रही है। माह के अंत तक सभी अवशेष गांवों को ओडीएफ कर दिया जाएगा। -रामआशीष चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी
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बताते चलें कि केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जिले के 1651 राजस्व गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इन गांवों में कुल 1 लाख 71 हजार 183 शौचालयों का निर्माण किया जाना था। शासन ने पहले 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर इन गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य दिया। परंतु बारिश व अन्य कारणों से कार्यों में आए अव्यवधान के चलते निर्धारित अवधि में 1 लाख 59 हजार 602 शौचालय का ही निर्माण पूरा हो सका। लक्षित गांवों में से महज 1390 गांव ही ओडीएफ का लक्ष्य पूरा कर सके थे। शेष 261 गांवों में 11 हजार 581 शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हो सका। इस पर शासन ने ओडीएफ करने की समयावधि बढ़ाते हुए 15 अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया। साथ ही जिलाधिकारी को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया है, या फिर जिन गांवों में कार्यों का संचालन हो रहा है उसकी जांच जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर करायी जाए। टीम ने बीते दिनों जांच की तो कई स्थानों पर ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम प्रधानों की लापरवाही सामने आयी। टीम की रिपोर्ट पर बीते दिनों जिलाधिकारी ने जलालपुर विकास खंड के एक ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई भी की।
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इसके बावजूद शौचालयों के निर्माण कार्य में तेजी देखने को नहीं मिली। नतीजा यह हुआ कि निर्धारित 15 अक्तूबर की तिथि बीत गई, लेकिन अब भी 130 राजस्व गांव ऐसे हैं, जिन्हें ओडीएफ नहीं किया जा सका। इससे अब प्रशासन ने जिम्मेदार ग्राम पंचायत अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। 25 ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि का नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। साथ ही 10 ग्राम प्रधानों को भी कार्य में सहयोग न करने के बाबत नोटिस दिया गया है। कहा गया कि यह सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में इसके संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यदि निर्धारित समय अवधि में उचित जवाब व कार्य में तेजी न सुनिश्चित की गई तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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जिन गांवों में शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है, वहां शौचालयों के निर्माण की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। साथ ही 25 पंचायत अधिकारी व 10 ग्राम प्रधानों को नोटिस दिया गया है। सभी एडीओ पंचायत से आवश्यक प्रगति रिपोर्ट भी समय-समय पर तलब की जा रही है। माह के अंत तक सभी अवशेष गांवों को ओडीएफ कर दिया जाएगा। -रामआशीष चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी