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बीटीसी चतुर्थ सेमस्टर परीक्षा निरस्त होने से भड़के बीटीसी प्रशिक्षु
Updated Tue, 09 Oct 2018 11:17 PM IST
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अंबेडकरनगर। बीटीसी संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा के तत्वावधान में मंगलवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं ने कलेक्ट्रेट के पास धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बीटीसी प्रशिक्षुओं ने कहा कि बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा बीते दिन निरस्त कर दी गई। इससे उनके समक्ष टीईटी परीक्षा से वंचित रहने की संभावना बढ़ गई है। इसे देखते हुए अविलंब चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा कराई जाए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही परीक्षा नहीं कराई गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह ने कहा कि बगैर किसी कारण के ही बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा निरस्त कर दी गई। इससे दर्जनों बीटीसी प्रशिक्षुओं के समक्ष मुश्किलें खड़ी हो गईं। कहा कि आगामी दिनों में टीईटी परीक्षा होनी है। यदि चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा नहीं हुई, तो बड़ी संख्या में बीटीसी प्रशिक्षु टीईटी परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। इससे उनका सहायक अध्यापक बनने का सपना अधर में लटक जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि बीटीसी प्रशिक्षुओं की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है। इसकी कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि बीटीसी प्रशिक्षुओं की उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आगामी दिनों में टीईटी परीक्षा होने के बावजूद बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा निरस्त कर दी गई। इसका प्रतिकूल प्रभाव उनके भविष्य पर पड़ेगा। कहा गया कि बीटीसी प्रशिक्षुओं के हितोें को देखते हुए तत्काल चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा कराई जाए। इस मौके पर आदित्य यादव, विक्रांत चतुर्वेदी, बृजेश, अंकित, उमेंद्र, रोहित यादव, नलिनी श्रीवास्तव, पूजा अग्रवाल, नागेश आदि मौजूद रहे।
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धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह ने कहा कि बगैर किसी कारण के ही बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा निरस्त कर दी गई। इससे दर्जनों बीटीसी प्रशिक्षुओं के समक्ष मुश्किलें खड़ी हो गईं। कहा कि आगामी दिनों में टीईटी परीक्षा होनी है। यदि चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा नहीं हुई, तो बड़ी संख्या में बीटीसी प्रशिक्षु टीईटी परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। इससे उनका सहायक अध्यापक बनने का सपना अधर में लटक जाएगा।
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वक्ताओं ने कहा कि बीटीसी प्रशिक्षुओं की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है। इसकी कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि बीटीसी प्रशिक्षुओं की उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आगामी दिनों में टीईटी परीक्षा होने के बावजूद बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा निरस्त कर दी गई। इसका प्रतिकूल प्रभाव उनके भविष्य पर पड़ेगा। कहा गया कि बीटीसी प्रशिक्षुओं के हितोें को देखते हुए तत्काल चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा कराई जाए। इस मौके पर आदित्य यादव, विक्रांत चतुर्वेदी, बृजेश, अंकित, उमेंद्र, रोहित यादव, नलिनी श्रीवास्तव, पूजा अग्रवाल, नागेश आदि मौजूद रहे।