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उफनाई सरयू से खड़ा हो रहा पशुओं के चारे का संकट
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:16 PM IST
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अंबेकरनगर। उफनाई सरयू नदी के जलस्तर में सोमवार के सापेक्ष मंगलवार को तीन सेमी. की वृद्धि होकर खतरे के निशान से 61 सेमी. ऊपर पहुंच गया। इससे टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक पुरवों में जहां बाढ़ का पानी भरा है। वहीं, टांडा नगर के भी कुछ मोहल्लों की गलियों में भी नाले-नालियों के सहारे बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलापुर तहसील के अराजी देवारा के चार पुरवों के ग्रामीणों के आवागमन के लिए तीन नावें लगाई गई हैं। उधर, जलस्तर में हुई वृद्धि से दोनों तहसील क्षेत्रों में लगभग 1500 बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
सरयू नदी का उफान लगातार जारी है। मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान से 61 सेमी. ऊपर पहुंच गया, जो कि सोमवार के सापेक्ष तीन सेमी. अधिक रहा। सोमवार देर शाम जलस्तर खतरे के निशान से 58 सेमी. ऊपर था। मंगलवार को जलस्तर में हुई वृद्धि से आलापुर तहसील अंतर्गत माझा कम्हरिया व अराजी देवारा के कुल आठ पुरवे जहां बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं, वहीं अराजी देवारा ग्राम पंचायत के हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा व सिद्धनाथ में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन पुरवों के ग्रामीणों के आवागमन के लिए प्रशासन ने तीन नावें लगाई हैं। माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के पटपरवा, कल्लू का पूरा, बद्री का पूरा व सत्यनरायन का पूरा में पानी प्रवेश करने को बेताब है।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार माझा उलटहवा के जालिम का पूरा, कुसमौलिया, बाबूराम का पूरा, दिलशेर का पूरा व माझा कला में जहां बाढ़ का पानी भरा है, वहीं, माझा डुहिया, करमपुर बरसावां, इस्माइलपुर बेलदहां, माझा अवसानपुर, माझा छज्जापुर आदि ग्राम पंचायतों के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
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नाले-नालियों से होकर बाढ़ का पानी नगर के मेहनिया, नेहरूनगर, कश्मीरिया नई बस्ती, उसहा, तलवापार मोहल्ले की गलियां भी बाढ़ के पानी से भर गई हैं। पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, दोनों तहसील क्षेत्रों में लगभग 1500 बीघा फसल जलमग्र हो गई है। इससे संबंधित क्षेत्र के मवेशियों के समक्ष चारे का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन ने बीते दिनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप के माध्यम से पशुपालकों को चारा बांटा था। फिर भी ग्रामीणों के सामने मुश्किल बनी हुई है।
जलस्तर पर है पैनी नजर
सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार निगाह जमी हुई है। आलापुर तहसील क्षेत्र के अराजी देवारा ग्राम पंचायत के चार पुरवों के पानी से घिरने से ग्रामीणों को आवागमन में मुश्किलें हो रही थीं। इसे दूर करने के लिए तीन नावों को लगाया गया है। ग्रामीणों को अभी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत नहीं है। पशुओं के चारे का संकट न हो, इसके लिए कैंप लगाकर चारे का वितरण किया जा रहा है।
- सुरेश कुमार, डीएम
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सरयू नदी का उफान लगातार जारी है। मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान से 61 सेमी. ऊपर पहुंच गया, जो कि सोमवार के सापेक्ष तीन सेमी. अधिक रहा। सोमवार देर शाम जलस्तर खतरे के निशान से 58 सेमी. ऊपर था। मंगलवार को जलस्तर में हुई वृद्धि से आलापुर तहसील अंतर्गत माझा कम्हरिया व अराजी देवारा के कुल आठ पुरवे जहां बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं, वहीं अराजी देवारा ग्राम पंचायत के हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा व सिद्धनाथ में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन पुरवों के ग्रामीणों के आवागमन के लिए प्रशासन ने तीन नावें लगाई हैं। माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के पटपरवा, कल्लू का पूरा, बद्री का पूरा व सत्यनरायन का पूरा में पानी प्रवेश करने को बेताब है।
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टांडा प्रतिनिधि के अनुसार माझा उलटहवा के जालिम का पूरा, कुसमौलिया, बाबूराम का पूरा, दिलशेर का पूरा व माझा कला में जहां बाढ़ का पानी भरा है, वहीं, माझा डुहिया, करमपुर बरसावां, इस्माइलपुर बेलदहां, माझा अवसानपुर, माझा छज्जापुर आदि ग्राम पंचायतों के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
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नाले-नालियों से होकर बाढ़ का पानी नगर के मेहनिया, नेहरूनगर, कश्मीरिया नई बस्ती, उसहा, तलवापार मोहल्ले की गलियां भी बाढ़ के पानी से भर गई हैं। पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, दोनों तहसील क्षेत्रों में लगभग 1500 बीघा फसल जलमग्र हो गई है। इससे संबंधित क्षेत्र के मवेशियों के समक्ष चारे का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन ने बीते दिनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप के माध्यम से पशुपालकों को चारा बांटा था। फिर भी ग्रामीणों के सामने मुश्किल बनी हुई है।
जलस्तर पर है पैनी नजर
सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार निगाह जमी हुई है। आलापुर तहसील क्षेत्र के अराजी देवारा ग्राम पंचायत के चार पुरवों के पानी से घिरने से ग्रामीणों को आवागमन में मुश्किलें हो रही थीं। इसे दूर करने के लिए तीन नावों को लगाया गया है। ग्रामीणों को अभी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत नहीं है। पशुओं के चारे का संकट न हो, इसके लिए कैंप लगाकर चारे का वितरण किया जा रहा है।
- सुरेश कुमार, डीएम