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मदरसे में भी होगी एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई
Updated Thu, 17 May 2018 11:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। मदरसों में पढ़ रहे छात्र छात्राओं में शैक्षिक उन्नयन, मानकीकरण व एकरूपता लाए जाने के लिए अब मदरसों में एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। शासन के निर्देश के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। शासन के इस निर्देश से जिले के 644 मदरसों में पढ़ रहे 64 हजार से अधिक छात्र छात्राओं को अब एनसीईआरटी पुस्तकें पढ़नी होंगी। उन्हें उनकी रुचि के अनुसार पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए योगी सरकार ने विभिन्न प्रकार के आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए थे। इसी क्रम में मदरसों में भी कान्वेंट स्कूल जैसी शिक्षा दिए जाने का निर्णय सरकार ने लिया था। शुरुआती दौर में फर्जी ढंग से संचालित मदरसों पर नकेल कसने में सफलता मिलने के बाद अब शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए सभी मदरसों में कक्षा 1 से कक्षा 10 तक के छात्र-छात्राओं को एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा दिए जाने का निर्णय शासन ने लिया है। गत 16 मई को रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद राहुल गुप्ता ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि मदरसों में एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने को लेकर आवश्यक कदम उठाया जाए।
साथ ही यह भी कहा गया कि छात्र-छात्राओं को रुचि के अनुसार हिंदी, उर्दू व अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों से शिक्षा दिलाया जाना सुनिश्चित हो, इसके लिए संबंधित मदरसों की सूची शासन को उपलब्ध कराया जाए। बताते चलें कि कक्षा 1 से कक्ष 10 तक के मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त कुल 630 मदरसे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इसमें कुल 64 हजार 276 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, उर्दू आदि की पुस्तकें अब एनसीईआरटी की लगाई जाएंगी। प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगन्नाथ पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही सभी मदरसा संचालकों को पत्र भेजकर एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई किए जाने का निर्देश दिया जाएगा।
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए योगी सरकार ने विभिन्न प्रकार के आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए थे। इसी क्रम में मदरसों में भी कान्वेंट स्कूल जैसी शिक्षा दिए जाने का निर्णय सरकार ने लिया था। शुरुआती दौर में फर्जी ढंग से संचालित मदरसों पर नकेल कसने में सफलता मिलने के बाद अब शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए सभी मदरसों में कक्षा 1 से कक्षा 10 तक के छात्र-छात्राओं को एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा दिए जाने का निर्णय शासन ने लिया है। गत 16 मई को रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद राहुल गुप्ता ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि मदरसों में एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने को लेकर आवश्यक कदम उठाया जाए।
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साथ ही यह भी कहा गया कि छात्र-छात्राओं को रुचि के अनुसार हिंदी, उर्दू व अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों से शिक्षा दिलाया जाना सुनिश्चित हो, इसके लिए संबंधित मदरसों की सूची शासन को उपलब्ध कराया जाए। बताते चलें कि कक्षा 1 से कक्ष 10 तक के मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त कुल 630 मदरसे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इसमें कुल 64 हजार 276 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, उर्दू आदि की पुस्तकें अब एनसीईआरटी की लगाई जाएंगी। प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगन्नाथ पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही सभी मदरसा संचालकों को पत्र भेजकर एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई किए जाने का निर्देश दिया जाएगा।
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