फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   ठप रही ग्रामीण बैंक की 44 शाखाएं, 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

ठप रही ग्रामीण बैंक की 44 शाखाएं, 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

Mon, 26 Mar 2018 10:48 PM IST
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
ठप रही ग्रामीण बैंक की 44 शाखाएं, 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
अंबेडकरनगर। राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को जिले में ग्रामीण बैंक की 44 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। इससे लगभग 10 करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर पड़ा। हड़ताली बैंक कर्मियों ने जिला मुख्यालय पर स्थित बैंक शाखा के निकट प्रदर्शन कर अपने हक की आवाज बुलंद की। इसमें ग्रामीण बैंकों के निजीकरण आदि को वापस लिए जाने की मांग प्रमुखता से शामिल की गई।
विज्ञापन

यूनाईटेड फोरम आफ आरआरबी के आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित ग्रामीण बैंक की 44 शाखाओं में पूर्ण रूप से कामकाज ठप रहा। संबंधित बैंक शाखाओं में कर्मचारी तो पहुंचे, लेकिन उन्होंने बैंक का ताला नहीं खोलने दिया। बैंक के बाहर ही उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिला मुख्यालय पर स्थित बैंक शाखा के समक्ष प्रदर्शन करते हुए बैंक कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी उपेक्षा की जा रही है। नेतृत्व कर रहे यूनाईटेड फोरम आफ आरआरबी के जिला प्रवक्ता अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि बैंकिंग पेंशन की समानता को लागू किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कहा कि ग्रामीण बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। यह बैंक कर्मियों के हक में कतई नहीं है। इससे बैंक कर्मियों का हक मारा जाएगा।
विज्ञापन

संगठन मंत्री विजय कुमार शुक्ला ने कहा कि अनुकंपा नियुक्तियों की सुविधा अगस्त 2014 से लागू किया जाए। कर्मचारियों को बैंकिंग उद्योग की तर्ज पर कंप्यूटर इंक्रीमेंट सुविधा प्रदान की जाए। प्रयोजक बैंकों की तरह वेतन, भत्ता व अन्य लाभ ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों को दिया जाए। सेवानिवृत्त अधिकारी श्यामधर त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण बैंकों को भी भारतीय बैंकर्स संघ के साथ वार्ता मंच में शामिल किया जाए। कहा कि पेंशन का मार्ग अगर प्रशस्त किया जाता है, तो लगभग 25 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान तरुण कुमार, हितेश पाण्डेय, वीरेंद्र कुशवाहा, संजीव, सौरभ कुमार, बृजेश सिंह, रामज्ञान मौर्य, आरके त्रिपाठी, एसएन पाण्डेय, राज सिंह, अनुराग पाण्डेय आदि मौजूद रहे। उधर हड़ताल के चलते लगभग 10 करोड़ रुपये का कार्य प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपभोक्ताओं को हुई परेशानी
ग्रामीण बैंक शाखा अकबरपुर में मिली स्वयं सहायता समूह का संचालन कर रही रामपुर सकरवारी निवासिनी शांति देवी व सुशीला ने कहा कि वे समूह के लिए धननिकासी करने आई थी। यहां पहुंचकर पता चला कि बैंक में हड़ताल है। ऐसे में अब मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। हजपुरा से आई सुदामा देवी व रेखा ने कहा कि वे भी स्वयं सहायता समूह चलाती हैं। धनराशि की जरूरत थी। धननिकासी के लिए आई थी। यहां पता चला कि हड़ताल के चलते धननिकासी नहीं हो सकेगी। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हड़ताल की जानकारी पहले ही दिया जाना चाहिए। यदि हड़ताल की जानकारी होती, तो इतनी दूर न आना पड़ता। ग्रामीण बैंक शाखा अकबरपुर में रुपये जमा करने पहुंचे बेवाना के हरीराम ने कहा कि बैंक प्रबंधन को हड़ताल की जानकारी पहले से ही लोगों को दी जानी चाहिए। जानकारी के अभाव में बेवजह उपभोक्ताओं को बैंकों तक की दौड़ लगानी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed