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इंवेस्टर्स समिट से खुला जिले में 40 करोड़ के निवेश का मार्ग
Updated Thu, 22 Feb 2018 10:50 PM IST
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अंबेडकरनगर। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट ने जिले में लगभग 40 करोड़ के निवेश का मार्ग प्रशस्त किया है। इसके लिए पांच उद्यमियों ने जरूरी एमओयू साइन कर दिया है। उद्योग विभाग ने इन्हें भरोसा दिलाया है कि उद्योगों की स्थापना में आवश्यक सुविधाएं मुहैया करायी जाएंगी। इस बीच इंवेस्टर्स समिट में भाग लेने के लिए चयनित पांच में से तीन उद्यमियों ने वापस लौटकर कहा कि ऐसे आयोजन से जिले में उद्योगाें की स्थापना तथा विकास का मार्ग निश्चिततौर पर प्रशस्त होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो दिनी इन्वेस्टर समिट का आयोजन 21 व 22 फरवरी को किया गया। इस आयोजन से जहां पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। वहीं जिले में लगभग 40 करोड़ के कार्यों को भी पांच उद्यमियों ने करने की लिखित सहमति जताई है। पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड ममरेजपुर टांडा ने यार्न मेकिंग में 15 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू साइन किया है। रामकृष्ण राइस इंडस्ट्रीज अकबरपुर ने 10 करोड़ की लागत से स्टीम राइसमिल की स्थापना तथा 10 करोड़ की ही लागत से सिर्फ इंडिया वैहिकल्स प्राइवेट लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक वैहिकल्स के लिए अपनी मंजूरी है। ओर्मिल इंडिया मिनी इंडस्ट्रियल एरिया तेंदुआईकला ने 3 करोड की लागत से डेमिन गारमेंट्स तथा जेके इंडस्ट्रीज अकबरपुर ने 1 करोड़ 95 लाख की लागत से दरवाजा व खिड़की के लिए कब्जा निर्माण के वास्ते एमओयू साइन किया है। ऐसे में कुल लगभग 40 करोड़ रुपए के कार्य इन्वेस्टर्स समिट आयोजन से प्रेरित होकर जिले में कराए जाएंगे। इससे कुल 260 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार भी उपलब्ध होगा, जबकि उत्पादों का लाभ अन्य लोग बड़े पैमाने पर उठा सकेंगे।
उधर उद्योग विभाग ने इस निवेश के बदले उद्यमियों को भरोसा दिलाया है कि उनके उद्योगाें की स्थापना के लिए सड़क, जल निकासी व विद्युत जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बाद में शासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुरूप अन्य सहायताएं भी उपलब्ध करायी जा सकती हैं, जिसमें कुछ छूट मिलना भी शामिल है।
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विकास का बढ़ेगा माहौल
इन्वेस्टर समिट में भाग लेने गए उद्यमी पार्थ थ्रेड कंपनी से जुड़े अंबिका प्रसाद पांडेय ने कहा कि इस आयोजन से उद्योग जगत को एक नई ताकत मिली है। विभिन्न विभागों को अब उद्यमियों को प्रोत्साहन कर बड़े उद्योगों का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। समिट के प्रतिभागी ओर्मिल इंडिया लिमिटेड के प्रतिभागी अश्विनी श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसका लाभ निश्चित तौर पर अंबेडरनगर को भी मिलेगा। सिर्फ इंटरप्राइजेज के सर्वेश पांडेय ने कहा कि ऐसे आयोजन की सार्थकता तब और बढ़ेगी, जब जिलों में भी व्यापारियों के हितों को लेकर सरकार के मंसूबों के अनुरूप विभिन्न विभाग तेजी से काम कर सकें। इन्वेस्टर्स समिट के चयनित उद्यमी रामकृष्ण राइस मिल के अशोक अग्रहरि ने बताया कि वे निजी कारणों से नहीं जा सके, लेकिन निश्चित रूप से आयोजन की सार्थकता बढ़ेगी। प्रदेश में होने वाले निवेश से आम लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा। जेके इंडस्ट्रीज की सीमा जायसवाल ने भी उम्मीद जताई कि यह आयोजन विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
मुहैया कराई जाएंगी जरूरी सुविधाएं
पांच उद्यमियों ने 40 करोड़ के एमओयू साइन किए हैं। इसका लाभ आने वाले दिनों में जिले को मिलेगा। उद्योगों की स्थापना में जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। -स्वप्निल यादव, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र
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गौरतलब है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो दिनी इन्वेस्टर समिट का आयोजन 21 व 22 फरवरी को किया गया। इस आयोजन से जहां पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। वहीं जिले में लगभग 40 करोड़ के कार्यों को भी पांच उद्यमियों ने करने की लिखित सहमति जताई है। पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड ममरेजपुर टांडा ने यार्न मेकिंग में 15 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू साइन किया है। रामकृष्ण राइस इंडस्ट्रीज अकबरपुर ने 10 करोड़ की लागत से स्टीम राइसमिल की स्थापना तथा 10 करोड़ की ही लागत से सिर्फ इंडिया वैहिकल्स प्राइवेट लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक वैहिकल्स के लिए अपनी मंजूरी है। ओर्मिल इंडिया मिनी इंडस्ट्रियल एरिया तेंदुआईकला ने 3 करोड की लागत से डेमिन गारमेंट्स तथा जेके इंडस्ट्रीज अकबरपुर ने 1 करोड़ 95 लाख की लागत से दरवाजा व खिड़की के लिए कब्जा निर्माण के वास्ते एमओयू साइन किया है। ऐसे में कुल लगभग 40 करोड़ रुपए के कार्य इन्वेस्टर्स समिट आयोजन से प्रेरित होकर जिले में कराए जाएंगे। इससे कुल 260 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार भी उपलब्ध होगा, जबकि उत्पादों का लाभ अन्य लोग बड़े पैमाने पर उठा सकेंगे।
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उधर उद्योग विभाग ने इस निवेश के बदले उद्यमियों को भरोसा दिलाया है कि उनके उद्योगाें की स्थापना के लिए सड़क, जल निकासी व विद्युत जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बाद में शासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुरूप अन्य सहायताएं भी उपलब्ध करायी जा सकती हैं, जिसमें कुछ छूट मिलना भी शामिल है।
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विकास का बढ़ेगा माहौल
इन्वेस्टर समिट में भाग लेने गए उद्यमी पार्थ थ्रेड कंपनी से जुड़े अंबिका प्रसाद पांडेय ने कहा कि इस आयोजन से उद्योग जगत को एक नई ताकत मिली है। विभिन्न विभागों को अब उद्यमियों को प्रोत्साहन कर बड़े उद्योगों का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। समिट के प्रतिभागी ओर्मिल इंडिया लिमिटेड के प्रतिभागी अश्विनी श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसका लाभ निश्चित तौर पर अंबेडरनगर को भी मिलेगा। सिर्फ इंटरप्राइजेज के सर्वेश पांडेय ने कहा कि ऐसे आयोजन की सार्थकता तब और बढ़ेगी, जब जिलों में भी व्यापारियों के हितों को लेकर सरकार के मंसूबों के अनुरूप विभिन्न विभाग तेजी से काम कर सकें। इन्वेस्टर्स समिट के चयनित उद्यमी रामकृष्ण राइस मिल के अशोक अग्रहरि ने बताया कि वे निजी कारणों से नहीं जा सके, लेकिन निश्चित रूप से आयोजन की सार्थकता बढ़ेगी। प्रदेश में होने वाले निवेश से आम लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा। जेके इंडस्ट्रीज की सीमा जायसवाल ने भी उम्मीद जताई कि यह आयोजन विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
मुहैया कराई जाएंगी जरूरी सुविधाएं
पांच उद्यमियों ने 40 करोड़ के एमओयू साइन किए हैं। इसका लाभ आने वाले दिनों में जिले को मिलेगा। उद्योगों की स्थापना में जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। -स्वप्निल यादव, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र