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टाटपट्टी पर ही बैठने को विवश हैं डेढ़ लाख से अधिक परिषदीय छात्र छात्राएं

Sun, 18 Feb 2018 12:05 AM IST
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:05 AM IST
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टाटपट्टी पर ही बैठने को विवश हैं डेढ़ लाख से अधिक परिषदीय छात्र छात्राएं
अंबेडकरनगर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित एक हजार 873 परिषदीय विद्यालयों में नामांकित एक लाख 84 हजार 996 के सापेक्ष एक लाख 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को अभी भी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। तमाम दिशा-निर्देश के बावजूद परिषदीय विद्यालय के 45 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को स्वेटर भी नहीं मिल सका है।
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प्रदेश सरकार ने स्कूलों की सेहत सुधारने के लिए बीते दिन विधानसभा में पेश किए गए बजट के जरिये भारी-भरकम धनराशि का प्रावधान किया है। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य को पटरी पर लाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है लेकिन ज्यादातर शिक्षकों के लापरवाह रवैये के चलते शिक्षण व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। कहीं शिक्षकों की कमी है तो कहीं छात्र-छात्राओं को योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल सका है। परिषदीय विद्यालयों में नामांकित बच्चों को बेहतर सुविधाएं दिए जाने को लेकर कितनी गंभीरता दिखाई जा रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के एक हजार 813 परिषदीय विद्यालयों के सापेक्ष मात्र 260 विद्यालयों में कुर्सी-मेज की व्यवस्था है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक हजार 873 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें एक लाख 95 हजार 996 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। 260 विद्यालयों में लगभग 35 हजार छात्र-छात्राओं के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था है जबकि एक हजार 613 विद्यालयों में पंजीकृत लगभग एक लाख 60 हजार छात्र-छात्राओं को टाट-पट्टी पर ही बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, 45 हजार से अधिक बच्चे ऐसे हैं जिन्हें स्वेटर नहीं मिल सका है। हालांकि स्कूली बैग, जूता-मोजा व यूनिफार्म का शत-प्रतिशत वितरण हो चुका है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने विभिन्न परिषदीय विद्यालयों का जायजा लिया तो कुछ ऐसा रहा वहां का नजारा:-
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केस -1
25 बच्चों को नहीं मिला जूता-मोजा
स्थान - प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर
अमर उजाला टीम शनिवार को प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर पहुंची। वहां दो कक्षों में तो कुर्सी मेज की व्यवस्था थी लेकिन अन्य दो कक्षों में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ते नजर आए। पंजीकृत 230 छात्र-छात्राओं में से 163 ही उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक खुर्शीद आलम ने बताया कि मात्र कक्षा एक के बच्चों के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था नहीं है। कहा कि सभी बच्चों को स्वेटर व यूनिफार्म मिल चुका है। 25 छात्र-छात्राओं को ही जूता-मोजा नहीं मिला है। शीघ्र ही उन्हें भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

केस- दो
नहीं दिखी कुर्सी-मेज की व्यवस्था
स्थान - प्राथमिक विद्यालय विजयगांव
यहां पंजीकृत 32 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 20 बच्चे ही शनिवार को उपस्थित रहे। यहां किसी भी कक्ष में बच्चों के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था नहीं दिखी। सभी बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ते दिखे। प्रधानाध्यापिका मंगेशलता ने बताया कि कुर्सी-मेज की व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। सभी बच्चों को जूता-मोजा, यूनिफार्म व स्वेटर उपलब्ध कराया जा चुका है।


सभी छात्र-छात्राओं को मिला स्वेटर
परिषदीय विद्यालयों में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं में स्वेटर, यूनिफार्म, जूता-मोजा का वितरण किया जा चुका है। शासन से धनराशि मिलने पर विद्यालयों में कुर्सी-मेज की व्यवस्था की जाती है। -अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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