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अस्पताल का आक्सीजन प्लांट बिगड़ा, खतरे में पड़ सकती जान

Mon, 09 Oct 2017 11:47 PM IST
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:47 PM IST
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अस्पताल का आक्सीजन प्लांट बिगड़ा, खतरे में पड़ सकती जान
जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट ठप
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अंबेडकरनगर। मरीजों के लिए लाइफ लाइन मानी जाने वाली ऑक्सीजन सेवा का प्लांट जिला अस्पताल में ठप हो गया है। इसे चलाने पर ऑक्सीजन स्टोर नहीं हो पा रही है। उपकरण की मरम्मत करवाने की सुध नहीं ली जा रही है। जैसे-तैसे रिफिल सिलेंडर से काम चलाया जा रहा है।

अब ऐसे में यदि किसी दिन ज्यादा संख्या में ऐसे मरीज अस्पताल पहुंचे, जिन्हें तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत हो तो उन्हें निश्चित तौर पर उनकी जान पर बन सकती है। यह स्थिति तब है जबकि बीते दिनों प्रदेश के कई जिलों में ऑक्सीजन की कमी आदि को लेकर लंबा हो-हल्ला मच चुका है।
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गौरतलब है कि गत दिनों गोरखपुर मेडिकल कॉलेज समेत कई अन्य जनपदों में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत को लेकर काफी हो-हल्ला मचा था। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं चुस्त-दुरुस्त रखने का निर्देश दिया था।
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तमाम दिशा-निर्देश के बावजूद जिले में इसे लेकर पूरी तरह लापरवाही का माहौल है। सीएचसी व पीएचसी की बात दूर, जिला अस्पताल में ही ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था नहीं है। कहने को यहां ऑक्सीजन प्लांट तो लगा है लेकिन तकनीकी खराबी के चलते वह पिछले कई दिनों से ठप है।

इमरजेंसी के तीन वार्ड, वार्ड नंबर एक, अतिकुपोषित बच्चों के लिए स्थापित वार्ड व अविकसित बच्चों के लिए स्थापित वार्ड में बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन तो है लेकिन वह सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। प्लांट चलाने पर ऑक्सीजन स्टोर नहीं हो रहा है।

इसके चलते रिफिल सिलेंडर से ही मुख्य तौर पर काम चलाया जा रहा है। खराब पड़े प्लांट को ठीक कराने को लेकर शासन-प्रशासन से किसी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी को देखते हुए मरीजों को समय पर ऑक्सीजन मिल सके, इसके लिए 18 रिफिल सिलेंडर का सहारा लिया जा रहा है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीज जिला अस्पताल पहुंच जाएं तो ऑक्सीजन की कमी से निश्चित तौर पर उनकी जान को खतरा हो सकता है।

बेवाना की तीमारदार सरौता देवी ने कहा कि जिला अस्पताल में मरीजों के हित को लेकर तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऑक्सीजन के लिए पाइप लाइन लगी है लेकिन यह महज दिखावा बनकर रह गए हैं।

अस्पताल प्रशासन को इसे लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए। कटेहरी की आशा देवी ने कहा कि सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन की पूर्ति की जा रही है। यह अत्यंत चिंताजनक है।

इसमें सुधार की आवश्यकता है। लोरपुर की सावित्री ने कहा कि यदि कभी मरीजों की संख्या में वृद्धि हो गई तो निश्चित तौर पर अस्पताल में असहज स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अकबरपुर के विनोद कुमार ने कहा कि जिला अस्पताल प्रशासन ने गत दिनों हुई घटनाओं से भी सीख नहीं ली।


सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों के लिए ऑक्सीजन के उचित प्रबंध हैं। ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी गड़बड़ी है लेकिन जरूरत पड़ने पर उसे चलाकर तत्काल व्यवस्था मरीजों के लिए बनाई जाती है। फिलहाल रिफिल सिलेंडर से आवश्यक जरूरत पूरी की जा रही है।
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