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8 नई ग्राम पंचायतों में अब तक नहीं हो सका राशन कोटा
Updated Sat, 23 Sep 2017 11:32 PM IST
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आठ नई ग्राम पंचायतों में आवंटित नहीं हो सका राशन कोटा
अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायतों के परिसीमन के बाद गठित आठ नई ग्राम पंचायतों में पीडीएस की दुकानों की स्थापना ही अब तक नहीं की जा सकी है। नतीजतन संबंधित गांव के लोगों को राशन लेने के लिए तीन से पांच किमी की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
और तो और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 52 कोटे की दुकानें निलंबित चल रही हैं। इन कोटों को अन्य कोटे से संबद्ध किया गया है। इसके चलते भी कार्ड धारकों को दिक्कत हो रही है।
गत दिवस खाद्य आयुक्त ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकान नहीं है वहां खुली बैठक कर नए कोटे का चयन किया जाए। शासन के निर्देश के बाद जिले में आवश्यक तैयारियां तेज हो गई हैं।
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गौरतलब है कि जिले में पूर्व में 786 ग्राम पंचायतें थीं। शासन के निर्देश पर परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 930 हो गई। इनमें से आठ ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां अब तक कोटे का चयन ही नहीं हो सका है।
ऐसे में संबंधित ग्राम पंचायतों के पात्र सस्ते दर पर राशन लेने के लिए तीन से पांच किमी की दूरी तय करने को मजबूर हो रहे हैं। बताते चलें कि जिले में कुल एक हजार 32 सस्ते दर की दुकानें हैं। इनमें से विभिन्न कारणों से 53 कोटे लंबे समय से निलंबित चल रहे हैं।
संबंधित कोटे के पात्रों को सुचारु ढंग से सस्ते दर पर राशन मिल सके, इसके लिए उन्हें आसपास की ग्राम पंचायतों के कोटे से संबद्ध कर दिया गया है। इनमें से ज्यादातर गांव ऐसे हैं, जहां के लोगों को तीन से चार किमी की लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है।
कोटा बहाली व नए कोटे के चयन को लेकर आए दिन संबंधित ग्राम पंचायतों के पात्रों द्वारा न सिर्फ संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा जाता है बल्कि धरना-प्रदर्शन भी किया जाता है।
इस बीच पात्रों को उन्हीं की ग्राम पंचायतों में सस्ते दर पर राशन मिल सके, इसके लिए गत दिवस खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने पत्र जारी कर जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में कोटा नहीं है या फिर निलंबित चल रहा है, वहां एक माह के अंदर खुली बैठक कर कोटे का चयन किया जाए।
जिलापूर्ति अधिकारी नीलेश कुमार उत्पल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार नए कोटे के चयन के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अब ग्रामीणों को राशन लेने के लिए दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी।
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अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायतों के परिसीमन के बाद गठित आठ नई ग्राम पंचायतों में पीडीएस की दुकानों की स्थापना ही अब तक नहीं की जा सकी है। नतीजतन संबंधित गांव के लोगों को राशन लेने के लिए तीन से पांच किमी की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
और तो और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 52 कोटे की दुकानें निलंबित चल रही हैं। इन कोटों को अन्य कोटे से संबद्ध किया गया है। इसके चलते भी कार्ड धारकों को दिक्कत हो रही है।
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गत दिवस खाद्य आयुक्त ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकान नहीं है वहां खुली बैठक कर नए कोटे का चयन किया जाए। शासन के निर्देश के बाद जिले में आवश्यक तैयारियां तेज हो गई हैं।
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गौरतलब है कि जिले में पूर्व में 786 ग्राम पंचायतें थीं। शासन के निर्देश पर परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 930 हो गई। इनमें से आठ ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां अब तक कोटे का चयन ही नहीं हो सका है।
ऐसे में संबंधित ग्राम पंचायतों के पात्र सस्ते दर पर राशन लेने के लिए तीन से पांच किमी की दूरी तय करने को मजबूर हो रहे हैं। बताते चलें कि जिले में कुल एक हजार 32 सस्ते दर की दुकानें हैं। इनमें से विभिन्न कारणों से 53 कोटे लंबे समय से निलंबित चल रहे हैं।
संबंधित कोटे के पात्रों को सुचारु ढंग से सस्ते दर पर राशन मिल सके, इसके लिए उन्हें आसपास की ग्राम पंचायतों के कोटे से संबद्ध कर दिया गया है। इनमें से ज्यादातर गांव ऐसे हैं, जहां के लोगों को तीन से चार किमी की लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है।
कोटा बहाली व नए कोटे के चयन को लेकर आए दिन संबंधित ग्राम पंचायतों के पात्रों द्वारा न सिर्फ संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा जाता है बल्कि धरना-प्रदर्शन भी किया जाता है।
इस बीच पात्रों को उन्हीं की ग्राम पंचायतों में सस्ते दर पर राशन मिल सके, इसके लिए गत दिवस खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने पत्र जारी कर जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में कोटा नहीं है या फिर निलंबित चल रहा है, वहां एक माह के अंदर खुली बैठक कर कोटे का चयन किया जाए।
जिलापूर्ति अधिकारी नीलेश कुमार उत्पल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार नए कोटे के चयन के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अब ग्रामीणों को राशन लेने के लिए दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी।