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धान बिक्री के लिए किसानों को कराना होगा आनलाइन रजिस्ट्रेशन
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:04 AM IST
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धान बिक्री के लिए किसानों को कराना होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अंबेडकरनगर। धान बिक्री के लिए किसानों को अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। बिना रजिस्ट्रेशन किसान धान की बिक्री नहीं कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को आधार कार्ड लिंक कराना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि वे किस क्रय केंद्र पर धान की बिक्री करेंगे। उधर किसानों को धान बिक्री में कोई समस्या न हो, इसके लिए जिले में चार एजेंसी के 38 क्रय केंद्रों की स्थापना की गई है। इसके लिए संबंधित विभाग ने आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं।
गौरतलब है कि 1 अक्तूबर से धान खरीद का कार्य प्रारंभ होगा। धान बिक्री में किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चार एजेंसियों के कुल 38 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें मार्केटिंग के छह, पीसीएफ के 27, कर्मचारी कल्याण निगम तीन व यूपीएसएस के दो केंद्र स्थापित हैं। विगत वर्ष धान का समर्थन मूल्य 1470 रुपये प्रति क्विंटल था जिसे बढ़ाकर 1590 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसके अलावा 15 रुपये प्रति क्विंटल धान की ढुलाई का भी दिए जाने का निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। हालांकि किसानों ने समर्थन मूल्य को कम बताते हुए कम से कम दो हजार रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है।
उधर धान क्रय की नई नीति में प्रदेश सरकार ने अब बिक्री के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया है। किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान न सिर्फ आधार कार्ड लिंक कराना होगा बल्कि उन्हें यह भी जानकारी देनी होगी कि वह किस क्रय केंद्र पर धान की बिक्री करेंगे। बिना रजिस्ट्रेशन कराए किसान धान की बिक्र नहीं कर सकेंगे। दरअसल पूर्व में धान बिक्री के समय अक्सर शिकायत आती थी कि बिचौलिए फर्जी ढंग से किसान के नाम पर पर्ची कटवाकर दूसरे का धान बिक्री कर भुगतान करा लेते थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ही इस बार प्रदेश सरकार ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए जाने का निर्णय लिया है।
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खाद्य एवं विपणन अधिकारी अंशुमालीशंकर ने बताया कि धान बिक्री की नई नीति के बारे में किसानों को विभिन्न माध्यमों से जानकारी दी जा रही है ताकि समय रहते वे सभी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकें।
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अंबेडकरनगर। धान बिक्री के लिए किसानों को अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। बिना रजिस्ट्रेशन किसान धान की बिक्री नहीं कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को आधार कार्ड लिंक कराना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि वे किस क्रय केंद्र पर धान की बिक्री करेंगे। उधर किसानों को धान बिक्री में कोई समस्या न हो, इसके लिए जिले में चार एजेंसी के 38 क्रय केंद्रों की स्थापना की गई है। इसके लिए संबंधित विभाग ने आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं।
गौरतलब है कि 1 अक्तूबर से धान खरीद का कार्य प्रारंभ होगा। धान बिक्री में किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चार एजेंसियों के कुल 38 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें मार्केटिंग के छह, पीसीएफ के 27, कर्मचारी कल्याण निगम तीन व यूपीएसएस के दो केंद्र स्थापित हैं। विगत वर्ष धान का समर्थन मूल्य 1470 रुपये प्रति क्विंटल था जिसे बढ़ाकर 1590 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसके अलावा 15 रुपये प्रति क्विंटल धान की ढुलाई का भी दिए जाने का निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। हालांकि किसानों ने समर्थन मूल्य को कम बताते हुए कम से कम दो हजार रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है।
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उधर धान क्रय की नई नीति में प्रदेश सरकार ने अब बिक्री के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया है। किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान न सिर्फ आधार कार्ड लिंक कराना होगा बल्कि उन्हें यह भी जानकारी देनी होगी कि वह किस क्रय केंद्र पर धान की बिक्री करेंगे। बिना रजिस्ट्रेशन कराए किसान धान की बिक्र नहीं कर सकेंगे। दरअसल पूर्व में धान बिक्री के समय अक्सर शिकायत आती थी कि बिचौलिए फर्जी ढंग से किसान के नाम पर पर्ची कटवाकर दूसरे का धान बिक्री कर भुगतान करा लेते थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ही इस बार प्रदेश सरकार ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए जाने का निर्णय लिया है।
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खाद्य एवं विपणन अधिकारी अंशुमालीशंकर ने बताया कि धान बिक्री की नई नीति के बारे में किसानों को विभिन्न माध्यमों से जानकारी दी जा रही है ताकि समय रहते वे सभी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकें।