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महीनों से खड़े विद्युत पोल, नहीं खींचा जा सका तार
Updated Thu, 03 Aug 2017 10:35 PM IST
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बिजली के तार खींचे नहीं और भेज दिए बिल
केदारनगर। टांडा क्षेत्र की देईपुर बस्ती में पावर कॉर्पोरेशन ने कई माह पहले पोल व ट्रांसफार्मर लेकिन बिजली के तार नहीं खींचे। इससे गांव की 500 आबादी बिजली से वंचित है। इसके बावजूद विभाग ग्रामीणों को हजारों रुपये के बिल भेज रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
देईपुर ग्राम पंचायत की दलित बस्ती में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कार्य शुरू हुआ था। करीब आठ माह पहले खंभे व ट्रांसफार्मर लग गए लेकिन पावर कॉर्पोरेशन बिजली के तार खींचना भूल गया। इतने माह बाद भी तार नहीं खींचे जाने से ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल पा रही है। गांव के हरीलाल, श्यामपत्ती, मालती देवी, रामशंकर, रामगुलाम, रामआधार आदि का कहना है कि वह लोग बीपीएल श्रेणी में आते हैं। ठेकेदार ने कनक्शन तो कर दिया गया लेकिन आपूर्ति अब तक नहीं आ सकी। दूसरी तरफ पावर कॉर्पोरेशन उन लोगों के नाम चार से सात हजार रुपये के बिल भेज दिए हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने अधिशासी अभियंता से शिकायत की और बिना विद्युत उपयोग के बिल भेजे जाने के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
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केदारनगर। टांडा क्षेत्र की देईपुर बस्ती में पावर कॉर्पोरेशन ने कई माह पहले पोल व ट्रांसफार्मर लेकिन बिजली के तार नहीं खींचे। इससे गांव की 500 आबादी बिजली से वंचित है। इसके बावजूद विभाग ग्रामीणों को हजारों रुपये के बिल भेज रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
देईपुर ग्राम पंचायत की दलित बस्ती में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कार्य शुरू हुआ था। करीब आठ माह पहले खंभे व ट्रांसफार्मर लग गए लेकिन पावर कॉर्पोरेशन बिजली के तार खींचना भूल गया। इतने माह बाद भी तार नहीं खींचे जाने से ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल पा रही है। गांव के हरीलाल, श्यामपत्ती, मालती देवी, रामशंकर, रामगुलाम, रामआधार आदि का कहना है कि वह लोग बीपीएल श्रेणी में आते हैं। ठेकेदार ने कनक्शन तो कर दिया गया लेकिन आपूर्ति अब तक नहीं आ सकी। दूसरी तरफ पावर कॉर्पोरेशन उन लोगों के नाम चार से सात हजार रुपये के बिल भेज दिए हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने अधिशासी अभियंता से शिकायत की और बिना विद्युत उपयोग के बिल भेजे जाने के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
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