{"_id":"596519fa4f1c1b85578b4817","slug":"14997980712-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमितीकरण को लेकर रोजगार सेवकों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियमितीकरण को लेकर रोजगार सेवकों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नियमितीकरण को लेकर रोजगार सेवकों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने मंगलवार को विभिन्न मागों को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। कहा गया कि लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने व मानदेय 20 हजार रुपये किए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ली गई।
अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि राज्य सरकार शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया।
धरने का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि रोजगार सेवक पूरी ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। कहा कि रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने व ग्राम विकास अधिकारी पद का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। जब भी इसे लेकर धरना प्रदर्शन किया जाता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि रोजगार सेवकों की ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। न सिर्फ भविष्य निधि, बल्कि दुर्घटना बीमा का भी लाभ दिया जाए।
कहा कि महंगाई के इस दौर में जो मानदेय उन्हें दिया जा रहा है, वह काफी कम है। इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया। इस दौरान सुभाष विश्वकर्मा, मनोज कुमार, इबभने अयाज, कृष्ण कुमार, पूनम, रेखा, बाबूलाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने मंगलवार को विभिन्न मागों को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। कहा गया कि लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने व मानदेय 20 हजार रुपये किए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ली गई।
अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि राज्य सरकार शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया।
विज्ञापन
धरने का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि रोजगार सेवक पूरी ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। कहा कि रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने व ग्राम विकास अधिकारी पद का दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। जब भी इसे लेकर धरना प्रदर्शन किया जाता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि रोजगार सेवकों की ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। न सिर्फ भविष्य निधि, बल्कि दुर्घटना बीमा का भी लाभ दिया जाए।
कहा कि महंगाई के इस दौर में जो मानदेय उन्हें दिया जा रहा है, वह काफी कम है। इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया। इस दौरान सुभाष विश्वकर्मा, मनोज कुमार, इबभने अयाज, कृष्ण कुमार, पूनम, रेखा, बाबूलाल आदि मौजूद रहे।