{"_id":"629a4f15dff2920fa426b66e","slug":"10-thousand-ration-units-reduced-100-quintals-of-food-grains-will-be-left-ambedkar-nagar-news-lko633600371","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम हुई 10 हजार राशन यूनिट, बचेगा 100 क्विंटल अनाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम हुई 10 हजार राशन यूनिट, बचेगा 100 क्विंटल अनाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। अपात्रता के बाद भी गरीबों के हक पर डाका डालने वाले दो हजार कार्डधारियों के राशन कार्ड सरेंडर करने से दस हजार वितरण यूनिट का सौ क्विंटल अनाज बचेगा। आपूर्ति विभाग ने अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर करने वाले कार्डधारियों व इससे जुड़ी 10 हजार राशन यूनिट का विवरण डाटा सर्वर से हटा कर मई माह में इन्हें होने वाले वितरण पर भी रोक लगा दी है।
अपात्रों के नाम व यूनिट हटने से अब पात्र होने के बाद भी सस्ती दर के राशन अनाज का लाभ पाने से वंचित वास्तविक लाभार्थियों के नए राशन कार्ड बन सकेंगे। विभागीय अधिकारियों की माने तो दस हजार राशन यूनिट कम होने से लगभग 100 क्विंटल खाद्यान्न की बचत होगी, जिसका लाभ नए सिरे से पात्रता सूची में शामिल किए जाने वाले कार्डधारकों को मिलेगा।
माह में दो बार गरीबों का खाद्यान्न पा रहे अपात्र राशन कार्डधारकों को अब मई माह का खाद्यान्न भी नहीं मिलेगा। बीते दिनों ही जिले के लगभग दो हजार अपात्रों ने कार्रवाई के भय से राशनकार्ड का सरेंडर कर दिया था। सरेंडर करने से पहले संबंधित राशन कार्डधारकों द्वारा प्रतिमाह दो बार में खाद्यान्न लिया जा रहा था। इन कार्डधारकों में शिक्षक, बड़े व्यवसायी, चिकित्सक, अधिवक्ता के साथ अन्य अपात्र भी शामिल थे।
विज्ञापन
बीते दिनों ऐसे अपात्रों द्वारा राशनकार्ड सरेंडर करने के बाद लगभग 10 हजार यूनिट को जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय ने सर्वर डाटा से हटा दी है। डाटा सर्वर से संबंधित अपात्रों का नाम डिलीट कर दिए जाने से करीब 100 क्विंटल खाद्यान्न की बचत होगी। जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अपात्रों की बजाए सीधा लाभ उन्हें मिलेगा, जो पात्र होते हुए भी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब ऐसे पात्रों का नाम पात्रता सूची में शमिल कर खाद्यान्न योजना का लाभ दिलाया जाएगा। बताया कि जिन अपात्रों का नाम हटाया गया है, उन्हें अब मई माह से खाद्यान्न नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
अपात्रों के नाम व यूनिट हटने से अब पात्र होने के बाद भी सस्ती दर के राशन अनाज का लाभ पाने से वंचित वास्तविक लाभार्थियों के नए राशन कार्ड बन सकेंगे। विभागीय अधिकारियों की माने तो दस हजार राशन यूनिट कम होने से लगभग 100 क्विंटल खाद्यान्न की बचत होगी, जिसका लाभ नए सिरे से पात्रता सूची में शामिल किए जाने वाले कार्डधारकों को मिलेगा।
विज्ञापन
माह में दो बार गरीबों का खाद्यान्न पा रहे अपात्र राशन कार्डधारकों को अब मई माह का खाद्यान्न भी नहीं मिलेगा। बीते दिनों ही जिले के लगभग दो हजार अपात्रों ने कार्रवाई के भय से राशनकार्ड का सरेंडर कर दिया था। सरेंडर करने से पहले संबंधित राशन कार्डधारकों द्वारा प्रतिमाह दो बार में खाद्यान्न लिया जा रहा था। इन कार्डधारकों में शिक्षक, बड़े व्यवसायी, चिकित्सक, अधिवक्ता के साथ अन्य अपात्र भी शामिल थे।
विज्ञापन
बीते दिनों ऐसे अपात्रों द्वारा राशनकार्ड सरेंडर करने के बाद लगभग 10 हजार यूनिट को जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय ने सर्वर डाटा से हटा दी है। डाटा सर्वर से संबंधित अपात्रों का नाम डिलीट कर दिए जाने से करीब 100 क्विंटल खाद्यान्न की बचत होगी। जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अपात्रों की बजाए सीधा लाभ उन्हें मिलेगा, जो पात्र होते हुए भी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब ऐसे पात्रों का नाम पात्रता सूची में शमिल कर खाद्यान्न योजना का लाभ दिलाया जाएगा। बताया कि जिन अपात्रों का नाम हटाया गया है, उन्हें अब मई माह से खाद्यान्न नहीं मिलेगा।