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24 घंटे से पानी को तरस रहे शहर के 10 हजार लोग
Sun, 24 Mar 2019 10:25 PM IST
रवि प्रकाश
Amar Ujala Bureau/Ambedkarnagar
Amar Ujala Bureau/Ambedkarnagar
Published by: रवि प्रकाश
Updated Sun, 24 Mar 2019 10:25 PM IST
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water problem
- फोटो : amarujala
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय के मीरानपुर मोहल्ले में लगभग 24 घंटे से पेयजल आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं में हाहाकार मच गया। इससे लगभग 10 हजार की आबादी को जबरदस्त पेयजल संकट से जूझना पड़ा है। घरेलू कार्यों से लेकर विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक कार्यों पर इसका असर देखने को मिला।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिला मुख्यालय में पेयजल संकट खड़ा होना शुरू हो गया है। लगभग एक सप्ताह पूर्व अकबरपुर अयोध्या रोड पर अंडर ग्राउंड पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से संबंधित क्षेत्र की जलापूर्ति ठप हो गई थी। लगभग 12 घंटे बाद गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल की गई थी। पेयजल संकट से जूझने को मजबूर हुए लोगों ने समय रहते गड़बड़ियों को दूर करने की मांग की थी। इस बीच शनिवार शाम एक बार फिर से अकबरपुर फैजाबाद रोड पर जलापूर्ति बाधित हो गई। यह सिलसिला रविवार अपराह्न तक जारी रहा। देर शाम कुछ क्षेत्रों मे कुछ देर के लिए आपूर्ति हुई, लेकिन इसका समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल सका।
सुचारु जलापूर्ति न होने से लगभग 10 हजार की आबादी के समक्ष पेयजल संकट खड़ा हो गया। उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। गड़बड़ी कहां से है और कितनी देर में जलापूर्ति सुचारु होगी, इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं था। सबसे अधिक समस्या रविवार सुबह नागरिकों को हुई। सुचारु जलापूर्ति न होने से उनकी दिनचर्या पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। विडंबना यह कि जलापूर्ति बाधित है, इसकी जानकारी न तो जिम्मेदार अधिकारियों को थी और न ही कर्मचारियों को। उपभोक्ताओं ने रविवार दोपहर जब इस संबंध में जानकारी हासिल की, तो उनका जवाब था कि सुचारु रूप से जलापूर्ति हो रही है। यदि किसी एक घर में पानी न पहुंचे, तो इसकी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन पर नहीं है। जब उन्हें बताया गया कि किसी एक घर की नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र में सुचारु जलापूर्ति नहीं हो रही, तो इसे दिखवाने की बात कही गई।
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दुरुस्त कराए जाएं उपकरण
अकबरपुर के मनोज व सुनील ने कहा कि विगत वर्ष भी भीषण गर्मी के दौरान पेयजल संकट खड़ा हुआ था। यदि जर्जर हो चुके उपकरणों को दुरुस्त नहीं कराया जाता, तो इस वर्ष भी उपभोक्ताओं के समक्ष पेयजल की समस्या खड़ी होगी। संतोष व अखिलेश ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से जलापूर्ति हो सके, इसके लिए जिम्मेददार लोगों को गंभीरता दिखानी होगी। बीते दो माह में यह तीसरी बार है, जब क्षेत्र की जलापूर्ति बाधित हुई है। अनुराग व मोअर्रिफ रजा ने कहा कि बीते 24 घंटे से सुचारु जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसकी जानकारी जिम्मेदार लोगों को नहीं है। भीषण गर्मी में पेयजल संकट न खड़ा हो, इसके लिए अभी से ठोस कदम उठाना चाहिए।
सुचारु रूप से हुई जलापूर्ति
कहीं से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं है। सूचारु रूप से जलापूर्ति हो रही है। कुछ घरों में पानी न पहुंचने को पेयजल बाधित होना नहीं कहा जाता।
-ओपी राम, अभियंता नगर पालिका परिषद अकबरपुर
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गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिला मुख्यालय में पेयजल संकट खड़ा होना शुरू हो गया है। लगभग एक सप्ताह पूर्व अकबरपुर अयोध्या रोड पर अंडर ग्राउंड पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से संबंधित क्षेत्र की जलापूर्ति ठप हो गई थी। लगभग 12 घंटे बाद गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल की गई थी। पेयजल संकट से जूझने को मजबूर हुए लोगों ने समय रहते गड़बड़ियों को दूर करने की मांग की थी। इस बीच शनिवार शाम एक बार फिर से अकबरपुर फैजाबाद रोड पर जलापूर्ति बाधित हो गई। यह सिलसिला रविवार अपराह्न तक जारी रहा। देर शाम कुछ क्षेत्रों मे कुछ देर के लिए आपूर्ति हुई, लेकिन इसका समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल सका।
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सुचारु जलापूर्ति न होने से लगभग 10 हजार की आबादी के समक्ष पेयजल संकट खड़ा हो गया। उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। गड़बड़ी कहां से है और कितनी देर में जलापूर्ति सुचारु होगी, इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं था। सबसे अधिक समस्या रविवार सुबह नागरिकों को हुई। सुचारु जलापूर्ति न होने से उनकी दिनचर्या पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। विडंबना यह कि जलापूर्ति बाधित है, इसकी जानकारी न तो जिम्मेदार अधिकारियों को थी और न ही कर्मचारियों को। उपभोक्ताओं ने रविवार दोपहर जब इस संबंध में जानकारी हासिल की, तो उनका जवाब था कि सुचारु रूप से जलापूर्ति हो रही है। यदि किसी एक घर में पानी न पहुंचे, तो इसकी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन पर नहीं है। जब उन्हें बताया गया कि किसी एक घर की नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र में सुचारु जलापूर्ति नहीं हो रही, तो इसे दिखवाने की बात कही गई।
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दुरुस्त कराए जाएं उपकरण
अकबरपुर के मनोज व सुनील ने कहा कि विगत वर्ष भी भीषण गर्मी के दौरान पेयजल संकट खड़ा हुआ था। यदि जर्जर हो चुके उपकरणों को दुरुस्त नहीं कराया जाता, तो इस वर्ष भी उपभोक्ताओं के समक्ष पेयजल की समस्या खड़ी होगी। संतोष व अखिलेश ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से जलापूर्ति हो सके, इसके लिए जिम्मेददार लोगों को गंभीरता दिखानी होगी। बीते दो माह में यह तीसरी बार है, जब क्षेत्र की जलापूर्ति बाधित हुई है। अनुराग व मोअर्रिफ रजा ने कहा कि बीते 24 घंटे से सुचारु जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसकी जानकारी जिम्मेदार लोगों को नहीं है। भीषण गर्मी में पेयजल संकट न खड़ा हो, इसके लिए अभी से ठोस कदम उठाना चाहिए।
सुचारु रूप से हुई जलापूर्ति
कहीं से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं है। सूचारु रूप से जलापूर्ति हो रही है। कुछ घरों में पानी न पहुंचने को पेयजल बाधित होना नहीं कहा जाता।
-ओपी राम, अभियंता नगर पालिका परिषद अकबरपुर