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सवा लाख किसानों ने ई-केवाइसी से बनाई दूरी
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अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े जिले के तीन लाख 90 हजार 537 किसानों की तुलना में दो लाख 60 हजार 470 किसान ही ई-केवाइसी करा सके हैं। एक लख 30 हजार 67 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने तमाम दिशा निर्देश के बाद भी अब तक ई-केवाइसी नहीं करा सके हैं। ऐसे में यदि निर्धारित 31 जुलाई तक संबंधित किसानों ने ई-केवाइसी नहीं कराई, तो उन्हें 12वीं किस्त से वंचित कर दिया जाएगा।
किसानों को आर्थिक लाभ देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत चयनित किसान के खाते में प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये दो-दो हजार रुपये की तीन किस्त के रूप में दी जाती है। बताते चलें कि जिले में लगभग चार लाख किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं। बीते दिनों शिकायत सामने आईं कि कुछ ऐसे भी किसान हैं, जो पात्र नहीं हैं, लकिन इसके बाद भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने ई-केवाइसी कराने का निर्देश दिया था। यह निर्देश 10वीं किस्त से पहले ही दिया गया था, लेकिन समय कम होने के चलते ज्यादातर किसान ई-केवाईसी नहीं करा सके थे। इस पर शासन ने ई-केवाइसी की अंतिम तिथि बढ़ाने के साथ ही न सिर्फ 10वीं, बल्कि 11वीं किस्त भी जारी कर दी।
इस बीच निर्देशित किया गया कि जो किसान ई-केवाइसी नहीं कराएंगे, उन्हें 12वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। कृषि विभाग के अनुसार तमाम दिशा निर्देश के बाद भी कुल पात्रों का मात्र 67 प्रतिशत किसानों ने ही ई-केवाइसी कराई है, जबकि 33 प्रतिशत किसान अब तक ई-केवाइसी नहीं करा सके हैं। अब जबकि शासन ने इसके लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की है, तो ऐसे में यदि समय रहते ई-केवाइसी नहीं कराई गई, तो संबंधित की 12वीं किस्त रोक दी जाएगी।
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35 लाख की हुई रिकवरी
कृषि विभाग के अनुसार बीते दिनों चले सत्यापन में 1754 ऐसे लाभार्थी मिले, जिनमें से कुछ का निधन होने के बाद भी उनके खाते में योजना के तहत राशि जा रही थी। इसके अलावा कुछ ऐसे भी सामने आए, जो अपात्र थे, लेकिन इसके बाद भी योजना का लाभ उठा रहे थे। ऐसे में इनसे कुल 35 लाख आठ हजार रुपये की रिकवरी की गई।
रुक जाएगी 12वीं किस्त
जो किसान अब तक ई-केवाइसी नहीं कराए हैं, वे 31 जुलाई तक अवश्य करा लें। ऐसा न करने पर उनकी 12वीं किस्त रोक दी जाएगी। -पीयूष राय, प्रभारी उपकृषि निदेशक
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किसानों को आर्थिक लाभ देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत चयनित किसान के खाते में प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये दो-दो हजार रुपये की तीन किस्त के रूप में दी जाती है। बताते चलें कि जिले में लगभग चार लाख किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं। बीते दिनों शिकायत सामने आईं कि कुछ ऐसे भी किसान हैं, जो पात्र नहीं हैं, लकिन इसके बाद भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने ई-केवाइसी कराने का निर्देश दिया था। यह निर्देश 10वीं किस्त से पहले ही दिया गया था, लेकिन समय कम होने के चलते ज्यादातर किसान ई-केवाईसी नहीं करा सके थे। इस पर शासन ने ई-केवाइसी की अंतिम तिथि बढ़ाने के साथ ही न सिर्फ 10वीं, बल्कि 11वीं किस्त भी जारी कर दी।
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इस बीच निर्देशित किया गया कि जो किसान ई-केवाइसी नहीं कराएंगे, उन्हें 12वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। कृषि विभाग के अनुसार तमाम दिशा निर्देश के बाद भी कुल पात्रों का मात्र 67 प्रतिशत किसानों ने ही ई-केवाइसी कराई है, जबकि 33 प्रतिशत किसान अब तक ई-केवाइसी नहीं करा सके हैं। अब जबकि शासन ने इसके लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की है, तो ऐसे में यदि समय रहते ई-केवाइसी नहीं कराई गई, तो संबंधित की 12वीं किस्त रोक दी जाएगी।
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35 लाख की हुई रिकवरी
कृषि विभाग के अनुसार बीते दिनों चले सत्यापन में 1754 ऐसे लाभार्थी मिले, जिनमें से कुछ का निधन होने के बाद भी उनके खाते में योजना के तहत राशि जा रही थी। इसके अलावा कुछ ऐसे भी सामने आए, जो अपात्र थे, लेकिन इसके बाद भी योजना का लाभ उठा रहे थे। ऐसे में इनसे कुल 35 लाख आठ हजार रुपये की रिकवरी की गई।
रुक जाएगी 12वीं किस्त
जो किसान अब तक ई-केवाइसी नहीं कराए हैं, वे 31 जुलाई तक अवश्य करा लें। ऐसा न करने पर उनकी 12वीं किस्त रोक दी जाएगी। -पीयूष राय, प्रभारी उपकृषि निदेशक