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भीतरघात ही नहीं सदस्यों की अनुपस्थिति तथा अवैध मत से भी बिगड़ जाएगा खेल
Tue, 29 Jun 2021 12:36 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 29 Jun 2021 12:36 AM IST
सार
- कई जिला पंचायत सदस्य हैं जिले से बाहर, जिन पर भरोसा नहीं उन्हें मतदान के दिन बाहर ही रोके रखने की तैयारी
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prayagraj news : भाजपा प्रत्याशी डॉ. वीके सिंह और सपा प्रत्याशी मालती यादव।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सत्ता और धन बल के नए-नए खेल सामने आ रहे हैं। कई सदस्य जिले से बाहर चले गए हैं। जिनकी भूमिका संदिग्ध है, उन्हें मतदान के दिन भी जिले से बाहर रखने की रणनीति बनाई जा रही है। यानी, उनके मतदान में हिस्सा नहीं लेने की आशंका बन गई है। यदि ऐसा हुआ तो सारे सियासी समीकरण भी ध्वस्त हो जाएंगे।
भाजपा समर्थित डॉ.वीके सिंह और सपा की मालती यादव के बीच सीधी लड़ाई है। 84 जिला पंचायत सदस्यों वाले इस चुनाव में मुकाबला भी नजदीकी हो चला है। ऐसे में भीतरघात की चिंता तो नेताओं को सता ही रही है, सदस्यों की अनुपस्थिति एवं अवैध मतों से भी खेल बिगड़ने की आशंका ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अध्यक्ष के लिए वरीयता क्रम में वोट डाले जाएंगे। चूंकि यहां दो ही प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में प्रथम वरीयता के मतदान के आधार पर ही चुनाव का नतीजा तय हो जाएगा। इस तरह से चुनाव जीतने के लिए कुल पड़े वैध मतों में से आधे से एक वोट अधिक चाहिए।
ऐसे में एक-एक वोट महत्व बढ़ गया है। जीत-हार के इस गणित को देखते हुए नए-नए हथकंडे भी अपनाए जा रहे हैं। नेताओं के अनुसार कई सदस्यों के प्रमाण पत्र रख लिए गए हैं। यदि उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उन्हें मतदान से बाहर रखने की रणनीति बनाई गई है। इससे सभी 84 सदस्य मतदान में हिस्सा लेंगे इसे लेकर आशंका बन गई है। इन आशंकाओं के बीच कोई मत अवैध न होने पाए इसे लेकर भी प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए समर्थक सदस्यों को मतदान की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। वोट कैसे डालना है कि इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मतदान से पहले भी समर्थक सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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सपा जिलाध्यक्ष का कहना था कि धर्मराज के अलावा मूलचंद पासी, कौशल यादव, अखिलेश यादव, सुरेंद्र यादव, दशरथ सोनकर, शिवपूजन पटैल, बृजेश यादव, सरिता पटेल, चंद्र प्रकाश आदि सदस्यों पर भी पुलिस दबाव बना रही है। सपा नेताओं ने इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन साैंपने वालों में एमएलसी डॉ.मान सिंह यादव, संदीप पटेल, पूर्व विधायक सत्यवीर मुन्ना, अनिल यादव, दान बहादुर मधुर आदि शामिल रहे। सपा के वरिष्ठ नेता राज्य सभा सदस्य रेवती रमण सिंह ने भी पुलिस पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सत्ता बदलती रही है। इसलिए पुलिस कर्मियों को पार्टी कार्यकर्ता की तरह काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने सदस्यों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि उत्पीडन बंद नहीं हुआ तो रेवती रमण सिंह की अगुवाई में एसएसपी आवास एवं कार्यालय पर धरना दिया जएगा।
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भाजपा समर्थित डॉ.वीके सिंह और सपा की मालती यादव के बीच सीधी लड़ाई है। 84 जिला पंचायत सदस्यों वाले इस चुनाव में मुकाबला भी नजदीकी हो चला है। ऐसे में भीतरघात की चिंता तो नेताओं को सता ही रही है, सदस्यों की अनुपस्थिति एवं अवैध मतों से भी खेल बिगड़ने की आशंका ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अध्यक्ष के लिए वरीयता क्रम में वोट डाले जाएंगे। चूंकि यहां दो ही प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में प्रथम वरीयता के मतदान के आधार पर ही चुनाव का नतीजा तय हो जाएगा। इस तरह से चुनाव जीतने के लिए कुल पड़े वैध मतों में से आधे से एक वोट अधिक चाहिए।
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ऐसे में एक-एक वोट महत्व बढ़ गया है। जीत-हार के इस गणित को देखते हुए नए-नए हथकंडे भी अपनाए जा रहे हैं। नेताओं के अनुसार कई सदस्यों के प्रमाण पत्र रख लिए गए हैं। यदि उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उन्हें मतदान से बाहर रखने की रणनीति बनाई गई है। इससे सभी 84 सदस्य मतदान में हिस्सा लेंगे इसे लेकर आशंका बन गई है। इन आशंकाओं के बीच कोई मत अवैध न होने पाए इसे लेकर भी प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए समर्थक सदस्यों को मतदान की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। वोट कैसे डालना है कि इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मतदान से पहले भी समर्थक सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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सदस्यों के उत्पीड़न का आरोप, एसएसपी से मिले सपाई
प्रयागराज। सपा ने जिला पंचायत सदस्यों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। एसएसपी से सोमवार को मिलकर उन्होंने हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा। जिलाध्यक्ष अध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने एसएसपी से शिकायत की कि सत्ता के इशारे पर पुलिस सदस्यों का उत्पीड़न कर रही है। उनका कहना था कि जिला पंचायत सदस्य धर्मराज पासी के भाई रतन को पुलिस ने थाने में बैठा रखा है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मालती यादव का समर्थन कर रहे कई अन्य सदस्यों को भी इसी तरह से परेशान किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष के साथ पहुंचे धर्मराज के चाचा रामजी सरोज का कहना था कि उन्हें भी रविवार की सुबह पुलिस थाने लेकर गई थी।सपा जिलाध्यक्ष का कहना था कि धर्मराज के अलावा मूलचंद पासी, कौशल यादव, अखिलेश यादव, सुरेंद्र यादव, दशरथ सोनकर, शिवपूजन पटैल, बृजेश यादव, सरिता पटेल, चंद्र प्रकाश आदि सदस्यों पर भी पुलिस दबाव बना रही है। सपा नेताओं ने इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन साैंपने वालों में एमएलसी डॉ.मान सिंह यादव, संदीप पटेल, पूर्व विधायक सत्यवीर मुन्ना, अनिल यादव, दान बहादुर मधुर आदि शामिल रहे। सपा के वरिष्ठ नेता राज्य सभा सदस्य रेवती रमण सिंह ने भी पुलिस पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सत्ता बदलती रही है। इसलिए पुलिस कर्मियों को पार्टी कार्यकर्ता की तरह काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने सदस्यों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि उत्पीडन बंद नहीं हुआ तो रेवती रमण सिंह की अगुवाई में एसएसपी आवास एवं कार्यालय पर धरना दिया जएगा।