फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Zaki came out of jail 10 days earlier

10 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था जकी

Thu, 18 Jul 2019 11:45 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
Zaki came out of jail 10 days earlier
Zaki came out of jail 10 days earlier
10 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था जकी
विज्ञापन

अवैध प्लाटिंग मामले में जेल में था निरुद्ध, मिली थी जमानत
एक दिन पहले छापेमारी के दौरान सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। एक दिन पहले छापेमारी के दौरान जिस जकी अहमद को सीबीआई गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई, वह 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था। वह धूमनगंज के लखनपुर में अवैध प्लाटिंंग के मामले में जेल में निरुद्ध था। जिसमें उसे हाल में ही जमानत मिली थी।
पूर्व सांसद अतीक अहमद के साथ ही सीबीआई की टीम ने उसके साले जकी के घर पर भी छापा मारा था। इस दौरान कई दस्तावेज व नगद बरामद करने के साथ ही सीबीआई ने जकी को गिरफ्तार भी कर लिया था। सूत्रों के मुताबिक, जकी 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था। दरअसल उस पर पिछले साल अगस्त 2018 में धूमनगंज थाने में अवैध प्लाटिंग करने का मुकदमा दर्ज था। 29 अगस्त 2018 को एडीए के अवर अभियंता पीएन पांडेय की ओर से यह एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें जकी के अलावा तीन अन्य नामजद के साथ ही कुछ अज्ञात के खिलाफ भी केस लिखा गया था। अवर अभियंता की ओर से दी गई तहरीर मेें आरोप था कि जकी समेत अन्य आरोपियों ने लखनपुर गांव में 40-70 बीघा जमीन पर लखनपुर आवास योजना के नाम से अवैध प्लाटिंंग की। इस योजना में अवैध रूप से प्लाटिंंग कर जमीनें बेची गईं। इस मामले में धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस के दबाव बनाने पर अप्रैल में जकी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। 10 दिन पहले उसे इस मामले में जमानत मिल गई थी जिसके बाद वह जेल से छूटकर बाहर आ गया था।
विज्ञापन

...तो जेल से नहीं होती रिहाई
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई अलर्ट होती तो जकी जेल से रिहा नहीं हो पाता। दरअसल जेल से रिहा होने से पहले ही कारोबारी मोहित जासवाल के अपहरण व रंगदारी मांगने के मामले में उसका रिमांड बनवा लिया जाना चाहिए था। सूत्रों का कहना है लखनऊ में दर्ज मामले में खुद को घिरता देख ही जकी ने अवैध प्लाटिंग के मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। सीबीआई को भी यह बात पता थी कि उसके मुकदमे में वांछित जकी एक अन्य मामले में कोर्ट में सरेंडर कर चुका है और वह इस समय जेल में निरुद्ध है। ऐसे में उसका रिमांड बनवाया जाता, तो वह जेल से नहीं छूट पाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed