Prayagraj: रिश्तेदार के घर गए युवक की अपहरण के बाद पीट-पीटकर हत्या, छानबीन में जुटी पुलिस
साढू की पत्नी रेखा ने पुलिस को बताया कि सुबह 11 बजे के करीब गुलाब उससे बात कर रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की बोलेरो में छह-सात लोग आए। उन्होंने जबरदस्ती गुलाब को गाड़ी में खींच लिया और फिर भाग निकले। लोगों ने सूचना दी तो कौंधियारा पुलिस तलाश में जुट गई, लेकिन दिन भर कुछ पता नहीं चला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कौंधियारा में रिश्तेदार के घर गए गुलाबचंद (40) को बोलेरो में अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई। पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के बाद हत्यारे शव खीरी में फेंककर भाग निकले। हत्या की वजह पूर्व में हुआ विवाद बताई जा रही है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। मजदूरी करने वाला गुलाब पुत्र अमरनाथ शंकरगढ़ के बसहरा उपरहार का रहने वाला था। वह बृहस्पतिवार को कौंधियारा क्षेत्र के बड़हा गांव निवासी अपने साढू अर्जुन कुमार के घर गया था।
साढू की पत्नी रेखा ने पुलिस को बताया कि सुबह 11 बजे के करीब गुलाब उससे बात कर रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की बोलेरो में छह-सात लोग आए। उन्होंने जबरदस्ती गुलाब को गाड़ी में खींच लिया और फिर भाग निकले। लोगों ने सूचना दी तो कौंधियारा पुलिस तलाश में जुट गई, लेकिन दिन भर कुछ पता नहीं चला। रात 11 बजे के करीब खीरी क्षेत्र के पौसला व खरका गांव के बीच सड़क किनारे एक युवक का शव पड़ा मिला।
सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल की तो पता चला कि शव कौंधियारा से अगवा किए गए गुलाब का है। परिजनों को सूचना दी गई तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने शव मर्चरी भेजवा दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शरीर पर दर्जनों चोट के निशान, सिर पर लगी चोट से मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गुलाब के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। इसके अलावा सिर में भी चोट है और इसकी वजह से ही उसकी जान गई। शरीर पर मिले चोटों के निशान से माना जा रहा है कि हत्यारों ने बोलेरो में अगवा करने के बाद उसे बेरहमी से पीटा।
शंकरगढ़ पुलिस कार्रवाई करती तो न होती घटना
मृतक के परिजनों ने शंकरगढ़ पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि पिछले महीने परिवारवालों का गांव के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने समझौता करा दिया। 21 दिसंबर को उसी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष ने फिर मारपीट की। लिखित शिकायत देने के बावजूद एनसीआर दर्ज कर खानापूर्ति की गई।
उधर, विपक्षियों की शिकायत पर परिवार के नौ लोगों पर बलवा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इसमें गुलाब को भी नामजद किया गया था। यही वजह रही कि आरोपियों का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि रिश्तेदार के घर से दिनदहाड़े अगवा कर गुलाब की हत्या कर दी। इस मामले में एसओ मनोज सिंह का कहना है कि जो तहरीर व चोट के आधार पर कार्रवाई की गई थी। मृतक के परिवार में पत्नी संगीता व तीन बच्चे गुंजा, गुलशन व विवेक हैं। बेटी की शादी हो चुकी है।
कौंधियारा में भी खेल, हत्या के बाद दर्ज की रिपोर्ट
इस मामले में शंकरगढ़ ही नहीं, कौंधियारा पुलिस ने भी लापरवाही की। अपहरण की सूचना सुबह 11 बजे के करीब कौंधियारा थाने में दे दी गई थी। इसके बावजूद मुकदमा हत्या के बाद लिखा गया। गुलाब का शव रात 11 बजे के आसपास मिला। जबकि उसके अपहरण का मुकदमा रात में 12.46 मिनट पर दर्ज किया गया। इस संबंध में जब कौंधियारा प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार कुशवाहा से बात की गई तो उन्होंने अवकाश पर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
उधर, एसीपी योगेंद्र कुमार ने तो चौंकाने वाला जवाब दिया। कहा कि अपहरण शंकरगढ़ से हुआ था। जब उन्हें बताया गया कि घटना कौंधियारा की है तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। कहा कि पुलिस ने तेजी दिखाई और यही वजह रही कि दो आरोपी हिरासत में ले लिए गए। पत्नी की ओर से दी गई तहरीर में झझरा शंकरगढ़ निवासी लवकुश धैकार व अन्य को नामजद किया गया है।