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सभी आयु वर्ग के लिए योग जरूरी
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए अब योग विशेषज्ञ भी आगे आने लगे हैं। उनका दावा है कि अनुलोम विलोम हर आयु वर्ग के लिए जरूरी है। हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय पीजी महाविद्यालय, नैनी के योग विशेषज्ञ डॉ. भास्कर शुक्ल के अनुसार कोरोना से लड़ने के लिए सबसे अधिक कारगर प्राणायाम है। कोरोना वायरस सबसे पहले फेफेड़ों पर ही हमला करता है और प्राणायाम से फेफड़े मजबूत होते हैं।
डॉ. शुक्ल का कहना है कि योगशास्त्र के अनुसार श्वास और प्रश्वास की वायु को लेने और बाहर छोड़ने की प्रक्रिया को प्राणायाम कहते हैं। प्राणायाम का अर्थ है कि प्राण वायु का विस्तार। प्राण का मतलब है कि जीवन शक्ति (श्वसन) को लंबा करना और आयाम से तात्पर्य है कि नियंत्रण या विस्तार। वहीं, अनुलोम विलोम/नाड़ी शोध प्राणायाम सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए अत्यंत लाभप्रद है, जो संतुलन बनाता है।
वहीं, कपालभाति (शुद्धि क्रिया) पूरे शहरी में रक्त का संचार करता है तो भस्त्रिका प्राणायाम से पाचनतंत्र, श्वसन तंत्र, ह्दय, पित्त एवं कफ संतुलित होता है। ऐसे प्राणायामों से शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं की वृद्धि होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी लड़ाई रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की ही है। अन्य प्रकार के योगासन भी हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। योग हर आयु वर्ग के लोगों के लिए सहज है, सो कोरोना वायरस से लड़ने में यह एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकता है।
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डॉ. शुक्ल का कहना है कि योगशास्त्र के अनुसार श्वास और प्रश्वास की वायु को लेने और बाहर छोड़ने की प्रक्रिया को प्राणायाम कहते हैं। प्राणायाम का अर्थ है कि प्राण वायु का विस्तार। प्राण का मतलब है कि जीवन शक्ति (श्वसन) को लंबा करना और आयाम से तात्पर्य है कि नियंत्रण या विस्तार। वहीं, अनुलोम विलोम/नाड़ी शोध प्राणायाम सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए अत्यंत लाभप्रद है, जो संतुलन बनाता है।
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वहीं, कपालभाति (शुद्धि क्रिया) पूरे शहरी में रक्त का संचार करता है तो भस्त्रिका प्राणायाम से पाचनतंत्र, श्वसन तंत्र, ह्दय, पित्त एवं कफ संतुलित होता है। ऐसे प्राणायामों से शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं की वृद्धि होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी लड़ाई रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की ही है। अन्य प्रकार के योगासन भी हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। योग हर आयु वर्ग के लोगों के लिए सहज है, सो कोरोना वायरस से लड़ने में यह एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकता है।
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