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सीमा पर शत्रु पराजय से लेकर कोरोना के नाश तक के लिए यज्ञ
Mon, 18 Jan 2021 01:29 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 18 Jan 2021 01:29 AM IST
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prayagraj news : राष्ट्ररक्षा की कामना के लिए माघ मेले में यज्ञ करते साधु-संत।
- फोटो : prayagraj
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संगम की रेती पर कल्पवास पौष पूर्णिमा से आरंभ होगा, लेकिन इससे पहले संतों के शिविरों में यज्ञ-अनुष्ठान आरंभ हो गए हैं। कहीं राष्ट्ररक्षा की कामना से सीमा पर शत्रु पराजय के लिए यज्ञ हो रहा है, तो कहीं कोरोना महामारी के नाश के लिए। भजनानंदियों ने संगीतमय कीर्तन से माघ मेला क्षेत्र को गुलजार कर दिया है।
पांच सेक्टर में बसे माघ मेले में इस बार तरह-तरह के यज्ञ, अनुष्ठान किए जा रहे हैं। सेक्टर पांच स्थित त्रिदंडीदेव सेवाआश्रम ट्रस्ट शिविर में अखिल भारतवर्षीय वैष्णव सम्मेलन की तैयारी तेज कर दी गई है। इस शिविर में रविवार को संतों और भक्तों ने सुंदरकांड का सस्वर पाठ किया। इस दौरान विश्व शांति की कामना से यज्ञ भी होगा।
आतंकवाद के नाश और शत्रु पराजय की कामना से सरस्वती मार्ग पर रविवार को यज्ञशाला में दिन भर आहुतियां दी गईं। चार तरह के काले, हरे, लाल और सफेद रंग के त्रिशूलों को ऊं के स्वरूप में स्थापित किया गया है। इसमें आठ सिद्धियों के साथ ही नौ निधियों की वेदियां भी बनाई गई हैं। संतों-भक्तों ने चीन और पाकिस्तान सीमा से आतंकवाद के सफाए के साथ ही शत्रु पराजय की कामना से आहुति दी।
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पांच सेक्टर में बसे माघ मेले में इस बार तरह-तरह के यज्ञ, अनुष्ठान किए जा रहे हैं। सेक्टर पांच स्थित त्रिदंडीदेव सेवाआश्रम ट्रस्ट शिविर में अखिल भारतवर्षीय वैष्णव सम्मेलन की तैयारी तेज कर दी गई है। इस शिविर में रविवार को संतों और भक्तों ने सुंदरकांड का सस्वर पाठ किया। इस दौरान विश्व शांति की कामना से यज्ञ भी होगा।
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आतंकवाद के नाश और शत्रु पराजय की कामना से सरस्वती मार्ग पर रविवार को यज्ञशाला में दिन भर आहुतियां दी गईं। चार तरह के काले, हरे, लाल और सफेद रंग के त्रिशूलों को ऊं के स्वरूप में स्थापित किया गया है। इसमें आठ सिद्धियों के साथ ही नौ निधियों की वेदियां भी बनाई गई हैं। संतों-भक्तों ने चीन और पाकिस्तान सीमा से आतंकवाद के सफाए के साथ ही शत्रु पराजय की कामना से आहुति दी।
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