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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Worship is prohibited by the Place of Worship Act, the court commented on Shringar Gauri Puja case

Gyanvapi Case : उपासना स्थल अधिनियम से प्रतिबंधित है पूजा, कोर्ट ने शृंगार गौरी पूजा मामले में की टिप्पणी

Thu, 22 Dec 2022 10:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 22 Dec 2022 10:04 PM IST
सार

अंजुमने इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान केवल इंतजामिया कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने बहस की।

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Worship is prohibited by the Place of Worship Act, the court commented on Shringar Gauri Puja case
हाईकोर्ट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

ज्ञानवापी मस्जिद स्थित शृंगार गौरी की नियमित पूजा के मामले में बृहस्पतिवार को अंजुमने इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से पक्ष रखा गया। कहा गया कि नियमित पूजा उपासना स्थल अधिनियम से नियमित पूजा प्रतिबंधित है। इसलिए यहां नियमित पूजा की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। करीब सवा घंटे तक चली बहस के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई को शुक्रवार तक के लिए आगे बढ़ा दिया।

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अंजुमने इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान केवल इंतजामिया कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने बहस की। उन्होंने कुल तीन बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा। कहा, जिला अदालत में शृंगार गौरी की नियमित पूजा केलिए दाखिल वाद सुनवाई योग्य नहीं है। क्योंकि, यह उपासना स्थल से प्रतिबंधित है।
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मंदिर पक्ष यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि पूजा 1990 में रोकी गई या 1993 में, अगर इन दोनों ही तिथियों में नियमित पूजा रोकी गई तो यह लिमिटेशन एक्ट से प्रतिबंधित है। लिमिटेशन एक्ट से वाद केवल तीन वर्षों के भीतर ही दाखिल हो सकता है। 
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दूसरा यह कि यह उपासना स्थल अधिनियम से भी प्रतिबंधित है। 15 अगस्त 1947 से ज्ञानवापी मस्जिद का वही स्टेट्स बरकरार रहना चाहिए। इसके अलावा यह सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश सात के नियम 11 के तहत राहत पाने के हकदार नहीं है। यह काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत नहीं आता है। बृहस्पतिवार को बहस पूरी न होने पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए शुक्रवार को भी तिथि सुनिश्चित की है।

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