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काम करें या जेल जाएं इंजीनियर, ठेकेदार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 31 Jul 2016 02:28 AM IST
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मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बतौर मुख्य सचिव शनिवार को पहली बार इलाहाबाद आए दीपक सिंघल को हर तरफ सिविल लाइंस की बदहाली पर उलाहना मिली तो उनका सब्र टूट पड़ा। फिर क्या था उनका अफसरों पर गुस्सा फूटा। उन्होंने एडीए अफसरों से चेतावनी के लहजे में कहा, इंजीनियर और ठेकेदार काम करें या जेल जाने को तैयार रहें। उन्होंने छह अगस्त तक फिर इलाहाबाद आने की बात कही और तब तक सुधार के लिए अल्टीमेटम दिया। अगले दौरे में वह खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। तब कोई छूट नहीं मिलेगी, सीधे कार्रवाई होगी। अफसरों के फोन न उठाने की शिकायत पर बोले, जो अफसर फोन नहीं उठाएंगे, उन्हें यहां से हटा दिया जाएगा।
मुख्य सचिव का आक्रामक तेवर देख अफसरों के चेहरे का रंग उड़ा रहा। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान साथ बैठे कमिश्नर राजन शुक्ला, एडीए वीसी देवेंद्र पांडेय, डीआईजी विजय यादव के सामने सिविल लाइंस की बदहाली पर नाराजगी जताई। एडीए के मुख्य अभियंता पर जमकर बरसे। कहा, मुख्य अभियंता यहां ढाई साल से जमे हैं, इसके बावजूद सिविल लाइंस की हालत बदतर है। अगर दो-तीन दिनों के भीतर हालात नहीं सुधरे तो सजा भुगतने के लिए तैयार रहें। उन्होंने अफसरों से शहरी क्षेत्र के विकास के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा। साथ ही संगम पर आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए वहां साइंटिफिक मैनेजमेंट सिस्टम डेवलप करने के निर्देश भी दिए। अफसरों से कहा कि बंद कमरे में बैठक करने के बजाय मौके पर जाकर मुआयना करें।
मुख्य सचिव ने सीडीओ से भी पूछा कि इलाहाबाद में ज्वाइन करने के बाद से कितने ब्लॉकों का दौरा किया। उन्होंने अफसरों से साफ कहा कि आंकड़ेबाजी बंद करें और काम करके दिखाएं। मुख्य सचिव ने कहा, अभी जिलों का दौरा है, दूसरी बार औचक निरीक्षण करेंगे। खामियों पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का अध्ययन करके एक प्लान बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा, यहां नैनी जैसा औद्योगिक क्षेत्र है। उसके विकास के लिए योजनाएं बनाकर शासन को प्रस्ताव भेजें। बेरोजगारों को काम मिल सके, सो रोजगार मेले का आयोजन करें। शहरी क्षेत्र में किसी एक सबसे पिछड़े वार्ड को गोद लेकर वहां विकास कार्य कराएं। कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसएसपी हर हफ्ते किसी एक थाने में बैठें, ताकि जनता से सीधे संवाद हो सके।
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सिविल लाइंस में नजूल भूमि पर सीओ दंपति की ओर से कब्जा किए जाने के मामले में मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने नाराजगी जताई। कमिश्नर ने कहा कि शिकायत पर वहां निर्माण कार्य रुकवाया जा चुका है तो मुख्य सचिव बोले, इससे काम नहीं चलने वाला। पुलिस के अफसर अवैध निर्माण कराएं, यह गंभीर मसला है। मामले की जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अफसर पर कार्रवाई की जाए।
मुख्य सचिव को यह शिकायत भी मिली कि अल्लापुर के बाघम्बरी इलाके में ड्रेनेज सिस्टम के साथ खिलवाड़ किया गया। वहां जल निकासी के लिए नाला है। इसके बावजूद नाले में कम क्षमता वाला एक अतिरिक्त पाइप डलवा दिया गया। मुख्य सचिव ने कमिश्नर को निर्देश दिए कि इसकी जांच कराएं और गलत मिले तो ठेकेदार, इंजीनियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजें।
सिविल लाइंस बदहाली पर भड़के मुख्य सचिव के इलाहाबाद से जाते ही शनिवार शाम कमिश्नर राजन शुक्ला ने सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग का निरीक्षण किया। उनके साथ एडीए वीसी देवेंद्र पांडेय भी थे। कमिश्नर ने कहा कि काम हर हाल में 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए। जो ठेकेदार ठीक से कम नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल हटा दिया जाए और दूसरे ठेकेदार को जिम्मेदारी दी जाए।
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मुख्य सचिव का आक्रामक तेवर देख अफसरों के चेहरे का रंग उड़ा रहा। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान साथ बैठे कमिश्नर राजन शुक्ला, एडीए वीसी देवेंद्र पांडेय, डीआईजी विजय यादव के सामने सिविल लाइंस की बदहाली पर नाराजगी जताई। एडीए के मुख्य अभियंता पर जमकर बरसे। कहा, मुख्य अभियंता यहां ढाई साल से जमे हैं, इसके बावजूद सिविल लाइंस की हालत बदतर है। अगर दो-तीन दिनों के भीतर हालात नहीं सुधरे तो सजा भुगतने के लिए तैयार रहें। उन्होंने अफसरों से शहरी क्षेत्र के विकास के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने को कहा। साथ ही संगम पर आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए वहां साइंटिफिक मैनेजमेंट सिस्टम डेवलप करने के निर्देश भी दिए। अफसरों से कहा कि बंद कमरे में बैठक करने के बजाय मौके पर जाकर मुआयना करें।
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मुख्य सचिव ने सीडीओ से भी पूछा कि इलाहाबाद में ज्वाइन करने के बाद से कितने ब्लॉकों का दौरा किया। उन्होंने अफसरों से साफ कहा कि आंकड़ेबाजी बंद करें और काम करके दिखाएं। मुख्य सचिव ने कहा, अभी जिलों का दौरा है, दूसरी बार औचक निरीक्षण करेंगे। खामियों पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का अध्ययन करके एक प्लान बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा, यहां नैनी जैसा औद्योगिक क्षेत्र है। उसके विकास के लिए योजनाएं बनाकर शासन को प्रस्ताव भेजें। बेरोजगारों को काम मिल सके, सो रोजगार मेले का आयोजन करें। शहरी क्षेत्र में किसी एक सबसे पिछड़े वार्ड को गोद लेकर वहां विकास कार्य कराएं। कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसएसपी हर हफ्ते किसी एक थाने में बैठें, ताकि जनता से सीधे संवाद हो सके।
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सिविल लाइंस में नजूल भूमि पर सीओ दंपति की ओर से कब्जा किए जाने के मामले में मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने नाराजगी जताई। कमिश्नर ने कहा कि शिकायत पर वहां निर्माण कार्य रुकवाया जा चुका है तो मुख्य सचिव बोले, इससे काम नहीं चलने वाला। पुलिस के अफसर अवैध निर्माण कराएं, यह गंभीर मसला है। मामले की जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अफसर पर कार्रवाई की जाए।
मुख्य सचिव को यह शिकायत भी मिली कि अल्लापुर के बाघम्बरी इलाके में ड्रेनेज सिस्टम के साथ खिलवाड़ किया गया। वहां जल निकासी के लिए नाला है। इसके बावजूद नाले में कम क्षमता वाला एक अतिरिक्त पाइप डलवा दिया गया। मुख्य सचिव ने कमिश्नर को निर्देश दिए कि इसकी जांच कराएं और गलत मिले तो ठेकेदार, इंजीनियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजें।
सिविल लाइंस बदहाली पर भड़के मुख्य सचिव के इलाहाबाद से जाते ही शनिवार शाम कमिश्नर राजन शुक्ला ने सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग का निरीक्षण किया। उनके साथ एडीए वीसी देवेंद्र पांडेय भी थे। कमिश्नर ने कहा कि काम हर हाल में 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए। जो ठेकेदार ठीक से कम नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल हटा दिया जाए और दूसरे ठेकेदार को जिम्मेदारी दी जाए।