Prayagraj : महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 3.5 लाख उड़ाए, मनी लॉन्ड्रिंग-ड्रग्स तस्करी में नाम पर किया ब्लैकमेल
रिचा जैन पुत्री पीके भदौरा में जयपुर में रहती हैं। कैंट में म्योर रोड पर स्थित अपार्टमेंट में उनका मायका है। पिछले दिनों वह यहां आई थीं। पुलिस को बताया कि तीन जुलाई को उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने अपना नाम चंद्रकांत बताया और कहा कि वह फ्रडस्क कूरियर कंपनी से बोल रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कैंट में मायके आई महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 3.5 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने मनी लॉन्ड्रिंग व ड्रग्स तस्करी में नाम आने की बात कहकर डराया और फिर तीन अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए। कैंट पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
रिचा जैन पुत्री पीके भदौरा में जयपुर में रहती हैं। कैंट में म्योर रोड पर स्थित अपार्टमेंट में उनका मायका है। पिछले दिनों वह यहां आई थीं। पुलिस को बताया कि तीन जुलाई को उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने अपना नाम चंद्रकांत बताया और कहा कि वह फ्रडस्क कूरियर कंपनी से बोल रहा है। फिर कहा कि आपने जो पार्सल भेजा था, वह कैंसिल हो गया है। इस संबंध में मुंबई में आपके विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो गई है। उसने एफआईआर नंबर भी बताया और कहा कि आपसे मुंबई क्राइम ब्रांच के अफसर बात करेंगे। इसके बाद उसने कॉल किसी अन्य व्यक्ति को फॉरवर्ड कर दी।
उस व्यक्ति ने खुद को क्राइम ब्रांच अफसर बताया और स्काइप एप डाउनलोड कराया। वीडियो कॉल से बताया कि उन पर मनी लॉन्ड्रिंग व नशीले पदार्थ की तस्करी करने का आरोप है। इसी संबंध में जांच-पड़ताल की जानी है। आरोप है कि जांच के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल करते हुए तीन बार में रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली। इनमें से अलग-अलग बार में 1.02 लाख, 2.05 व 49990 रुपये ट्रांसफर कराए गए। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई।
महिला डॉक्टर ऐंठे 44 हजार रुपये
साइबर ठगों ने बेली अस्पताल की डॉक्टर भावना शर्मा को 44 हजार की चपत लगा दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल कर एक व्यक्ति ने एसबीआई के रिवार्ड प्वाइंट रिडीम करने को लिंक भेजा। उस पर क्लिक करते ही योनो एप खुल गया। इसमें बैंक विवरण मांगकर धोखे से ओटीपी शेयर करा लिया गया। इसके बाद उनके खाते से 44500 रुपये उड़ा दिए गए। कैंट प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।