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हौसला हो तो हर ऊंचाई आसान: तूलिका रानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:28 AM IST
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With determination, every height is easy to conquer: Tulika Rani
एवरेस्ट चोटी फतह करने वाली उत्तर प्रदेश की पहली महिला वायु सेना अफसर और लेखिका डॉ तूलिका रानी
पूर्व वायुसेना अधिकारी, पर्वतारोही और अंतरराष्ट्रीय प्रेरणादायी वक्ता तूलिका रानी शनिवार को प्रयागराज पहुंची। नैनी स्थित एक होटल में उन्होंने एक वित्तीय संस्था के कार्यक्रम में करीब चार सौ युवाओं से संवाद किया।
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उन्होंने अपने संघर्ष, अनुशासन, असफलताओं और उपलब्धियों की कहानी साझा की, जिसमें लक्ष्य तय करने और लगातार प्रयास करने पर जोर दिया गया। तूलिका रानी ने युवाओं को बताया कि जीवन में लक्ष्य तय करना और उसके लिए लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
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भारतीय वायुसेना में करीब दस वर्ष तक प्रशासनिक एवं सैन्य प्रशिक्षण अधिकारी के रूप में सेवा देने के बाद उन्होंने पर्वतारोहण को चुना। उन्होंने लेखन, अध्यापन और प्रेरणादायी वक्ता के रूप में भी अपनी नई यात्रा शुरू की। नैनी में संवाद के दौरान उन्होंने एवरेस्ट यात्रा और वायुसेना के अनुभवों को साझा किया।
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तूलिका रानी उत्तर प्रदेश से माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण करने वाली पहली महिला पर्वतारोही हैं। वर्ष 2012 में उन्होंने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। वह ईरान स्थित एशिया के सर्वोच्च ज्वालामुखी माउंट दामावंद पर तिरंगा फहराने वाली भी पहली भारतीय महिला हैं।
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लेखन और शोध कार्य
तूलिका रानी एक लेखिका और इतिहास की असिस्टेंट प्रोफेसर भी हैं। उनकी पुस्तक बियांड दैट वाल को यंग राइटर अवार्ड और साहित्य श्री सम्मान मिला है। उनके लेखन में संघर्ष, आत्मविश्वास और लक्ष्य के लिए निरंतर प्रयास जैसे विषय प्रमुखता से उभरते हैं। उन्होंने नेपाल के शेरपाओं पर शोध कार्य भी किया है।
प्रेरणादायी वक्ता के रूप में संवाद
प्रेरणादायी वक्ता के तौर पर तूलिका रानी ने भारत के अलावा कई देशों में युवाओं से संवाद किया है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, मलयेशिया और कनाडा जैसे देश शामिल हैं। वह टेडेक्स जैसे मंचों पर भी अपनी बात रख चुकी हैं। उनके व्याख्यानों का मुख्य संदेश है कि असफलता सीखने और आगे बढ़ने का अवसर होती है।
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