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Prayagraj News: संगम के ईशान कोण पर बने गंगोली शिवाला मंदिर में दर्शन मात्र से होती है मनोकामनाएं पूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:50 AM IST
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Wishes are fulfilled by just visiting the Gangoli Shivala temple located at the northeast corner of Sangam
नई झूंसी स्थित गंगोली शिवाला मंदिर और मंदिर की दीवार पर की गई आकर्षक कलाकृति
वैसे तो प्रयागराज को तीर्थों का राजा कहा जाता है। यहां स्थित सभी धार्मिक स्थलों का अलग महत्व और पहचान है। संगम तट के उत्तर-पूर्वी कोने पर नई झूंसी में स्थित गंगोली शिवाला मंदिर अपने आप में भगवान शिव का एक अद्भुत मंदिर है। यहां भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग स्थापित है। वास्तु शास्त्र के आधार पर संगम के ईशान कोण पर स्थित इस मंदिर का पुराणों में भी वर्णन किया गया है। बताया गया है कि इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। मंदिर के महंत सुशील त्यागी जी महाराज बताते है कि इसके गर्भगृह के केंद्र में महादेव का शिवलिंग स्थित है।
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नई झूंसी स्थित गंगोली शिवाला मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आकर अद्भुत सुख की अनुभूति होती है। महंत सुशील त्यागी महाराज ने बताया कि सावन के महीने में यहां रोजाना भक्तों के आने का तांता लगा रहता है। सावन के महीने में मंदिर में रोजाना रूद्राभिषेक के साथ ही अन्य अनुष्ठान किए जा रहे हैं। महाकुंभ से पहले गंगोली शिवाला मंदिर का भी जीर्णोद्धार किया गया था। गंगोली शिवाला मंदिर की दीवारों पर शिव पुराण में वर्णित मंत्र उकेरे गए हैं। मंदिर की कलाकृतियों में भगवान भोलेनाथ से जुड़ी कई महत्वपूर्ण छवियां दिखाई गई हैं।
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मंदिर के महंत सुशील त्यागी जी महाराज बताते हैं कि गहराई से अध्ययन के बाद पता चला कि इस मंदिर का निर्माण शिव पुराण के आधार पर हुआ है जिसके गर्भगृह के केंद्र में महादेव का शिवलिंग स्थित है। बताते हैं की यह अपने आप में संपुटित मंदिर है। 17 वीं शताब्दी में इस मंदिर का निर्माण आगरा के व्यापारी पंडित गंगा प्रसाद त्रिपाठी ने करवाया था। मंदिर नियमित दर्शन करने के लिए आने वाले नेत्र विशेषज्ञ डॉ.मानस तिवारी बताते हैं कि ईशान कोण पर होने के कारण यह मंदिर साधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
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