{"_id":"6a0978b553b0adbaea0d8205","slug":"wind-speed-slowed-after-the-storm-fans-and-coolers-were-also-rendered-ineffective-temperature-will-remain-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : आंधी के बाद थमी हवा की रफ्तार, पंखे-कूलर भी हुए बेअसर, 18 से 22 मई तक 47 डिग्री रहेगा तापमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : आंधी के बाद थमी हवा की रफ्तार, पंखे-कूलर भी हुए बेअसर, 18 से 22 मई तक 47 डिग्री रहेगा तापमान
Sun, 17 May 2026 01:43 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 17 May 2026 01:43 PM IST
सार
तापमान में वृद्धि और हवाओं का न चलना लोगों के लिए दोहरी मुसीबत का कारण बना हुआ है। ऐसे में पंखे व कूलर भी राहत नहीं पहुंचा पा रहे हैं। रविवार को मौसम में आर्द्रता कम होने के बावजूद जून की उमस भरी गर्मी का एहसास हो रहा था।
विज्ञापन
प्रयागराज में प्रचंड धूप।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तापमान में वृद्धि और हवाओं का न चलना लोगों के लिए दोहरी मुसीबत का कारण बना हुआ है। ऐसे में पंखे व कूलर भी राहत नहीं पहुंचा पा रहे हैं। रविवार को मौसम में आर्द्रता कम होने के बावजूद जून की उमस भरी गर्मी का एहसास हो रहा था। मौसम विभाग के अनुसार आम तौर पर इस प्रकार की उमस भरी गर्मी का एहसास मानसून आने के बाद होता है। मई महीने में सूखी गर्मी पड़ती है। जिसकी वजह से लू लगने का खतरा रहता है। इस बार आंधी आने के बाद हवाओं की रफ्तार थम सी गई है। वहीं दूसरी तरफ तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।
विज्ञापन
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तीन से चाल दिनों तक लोगों को इसी प्रकार की गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं 18 से 22 मई तक तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। इसकी वजह से दिन और रात में भी गर्मी हावी रहेगी। न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
विज्ञापन
हीट स्ट्रोक का बढ़ेगा खतरा
एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरके तिवारी का कहना है कि बढ़ते तापमान की वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाएगा। इसके अलावा अधिक पसीना निकलने से पानी की कमी, कमजोरी, उलझन, पेट में ऐंठन, डायरिया व सांस लेने में समस्या हो सकती है। ऐसे में दोपहर 12 से चार बजे तक जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
विज्ञापन