प्रवक्ता बनने को करना होगा एमडी, पीएचडी

ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद Updated Sat, 11 Apr 2015 12:02 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के बायोकेमेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रवक्ता बनने के लिए अब मेडिकल बायोकेमेस्ट्री में एमडी या शोध करना आवश्यक है। सामान्य रूप से बायोकेमेस्ट्री में पीजी या शोध करने वालों को नहीं रखा जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के चयन में बदलाव कर दिया है और यह लागू भी हो गया है। अभी तक मेडिकल कॉलेजों में बायोकेमेस्टी से सामान्य रूप से पीजी या शोध करने वालों को बतौर शिक्षक रखा जाता था।
मेडिकल कॉलेजों में अब तक एमबीबीएस करने के बाद पारंपरिक रूप से परास्नातक और शोध करने वालों की नियुक्ति कर दी जाती थी, लेकिन उससे मरीजों की जांच में परेशानी हो रही थी। कई जांचें नहीं हो पा रही थीं। इसके अलावा बायोकेमेस्ट्री के कई ऐसे विषय होते थे, जिसके लिए छात्रों को परेशान होना पड़ता था। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने  इस कमी को दूर करने के लिए नियुक्ति के नियमों में बदलाव किया है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि शासन ने नए नियम के तहत चयन करने आदेश जारी कर दिया है। कॉलेज के दोनों विभागों में इसी नियम के अनुरूप शिक्षक नियुक्ति किए जाएंगे।

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