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विवादों के बाद भी नोएडा में ही क्यों रहना चाहते हैं रमा रमण: हाईकोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:51 AM IST
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इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के सीईओ रमा रमण से पूछा है कि इतने विवादों के बावजूद भी वह नोएडा में ही क्यों बने रहना चाहते हैं। वह स्वयं इस पद को क्यों नहीं छोड़ देते। अदालत ने उनके कार्यकाल के दौरान यादव सिंह द्वारा किए गए घोटाले पर भी सवाल उठाया। इस मामले पर अभी सोमवार 22 अगस्त को भी बहस होगी। अखिल भारतीय मानव कल्याण एवं समाजोत्थान समिति की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति दिलीप बी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि सीईओ के पद के लिए कई अधिकारियों के नाम पर विचार हुआ मगर सिविल सर्विसेज बोर्ड ने रमा रमण को ही इस पद के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना। इस बोर्ड का सदस्य प्रमुख सचिव नियुक्ति भी होता है। कोर्ट ने जानना चाहा कि रमा रमण जिस प्रोजेक्ट को देख रहे हैं वह कब तक पूरा होगा। मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने जानकारी दी कि रमा रमण मेट्रो और यमुना ब्रज का कार्य देख रहे हैं इसके मार्च 2017 तक पूरा होने की उम्मीद है। रमा रमण की ओर से दलील दी गई कि 28 सितंबर 2015 को उनको नोएडा का सीईओ नियुक्त किया गया। हालांकि वह 2012 से समय-समय पर अतिरिक्त प्रभार पर रहे हैं। कोर्ट में प्रस्तुत उनकी तैनाती के चार्ट को देखने के बाद अदालत ने कहा कि इसे देखने से ऐसा लग रहा है कि रमा रमण ही लगातार रहे हैं बाकी अधिकारी बीच-बीच में कुछ समय के लिए आते रहे हैं। मामले की सुनवाई सोमवार 22 अगस्त को होगी।
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प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि सीईओ के पद के लिए कई अधिकारियों के नाम पर विचार हुआ मगर सिविल सर्विसेज बोर्ड ने रमा रमण को ही इस पद के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना। इस बोर्ड का सदस्य प्रमुख सचिव नियुक्ति भी होता है। कोर्ट ने जानना चाहा कि रमा रमण जिस प्रोजेक्ट को देख रहे हैं वह कब तक पूरा होगा। मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने जानकारी दी कि रमा रमण मेट्रो और यमुना ब्रज का कार्य देख रहे हैं इसके मार्च 2017 तक पूरा होने की उम्मीद है। रमा रमण की ओर से दलील दी गई कि 28 सितंबर 2015 को उनको नोएडा का सीईओ नियुक्त किया गया। हालांकि वह 2012 से समय-समय पर अतिरिक्त प्रभार पर रहे हैं। कोर्ट में प्रस्तुत उनकी तैनाती के चार्ट को देखने के बाद अदालत ने कहा कि इसे देखने से ऐसा लग रहा है कि रमा रमण ही लगातार रहे हैं बाकी अधिकारी बीच-बीच में कुछ समय के लिए आते रहे हैं। मामले की सुनवाई सोमवार 22 अगस्त को होगी।
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