जहां कसाब की हुई थी ट्रेनिंग, वहीं जीशान ने सीखा एके 47 चलाना
जीशान के पिता मो. कमर लगभग 25 सालों तक सऊदी समेत खाड़ी के अलग अलग देशों में रहे हैं। जीशान ने शुआट्स से एमबीए किया इसके बाद कमर ने जीशान को भी सऊदी बुला लिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जीटीबी नगर करेली के रहने वाले जीशान कमर ने आतंक की ट्रेनिंग वहीं पाई थी जहां मुंबई बम धमाके के गुनाहगार कसाब ने आतंक का ककहरा सीखा था। पाकिस्तान का थट्टा इलाका जहां एक फार्म हाउस में जीशान और उसके साथियों ने पाक सेना के अफसर और आतंकियों से देश को दहलाने की हथकंडे सीखे थे। यहीं पर जीशान ने पहली बार एके 47 अपने हाथ पकड़ा और उसे चलाने का मास्टर बना था।
जीशान के पिता मो. कमर लगभग 25 सालों तक सऊदी समेत खाड़ी के अलग अलग देशों में रहे हैं। जीशान ने शुआट्स से एमबीए किया इसके बाद कमर ने जीशान को भी सऊदी बुला लिया था। सऊदी में रहने के दौरान जीशान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में गया। दरअसल एमबीए करने के दौरान ही जीशान कट्टपंथियों के संपर्क में रहने लगा था। धीरे धीरे वह विचारों में कट्टर होता गया। सोशल मीडिया पर उसकी पोस्ट भी उसकी विचारधारा को दर्शाती थी।
आईएसआई को ऐसे ही लड़कों की तलाश रहती है। जीशान का सऊदी अरब में ब्रेन वाश करके देश के प्रति भड़काया गया। इसके बाद वह पाकिस्तान में ट्रेनिंग के लिए तैयार हो गया। जीशान को मस्कट के रास्ते पाकिस्तान के थट्टा इलाके में एक फार्म हाउस में ठहराया गया। यहां पर पहले ही ओसामा और कई बांग्लादेशी मौजूद थे। वहां पाकिस्तान की आर्मी के एक लेफ्टिनेंट ने कसाब को गाजी बताते हुए ट्रेनिंग लेने वालों से बताया कि उन्हें फक्र होना चाहिए, इसी कैंप में कसाब ने भी ट्रेनिंग पाई थी।
यहीं जीशान ने एके 47 चलाना सीखा। आईईडी बनाने और चलाने का प्रशिक्षण लिया। इसके साथ ही सबको यह भी सिखाया गया कि कैसे पुलिस की पकड़ से बचना है? सोशल मीडिया पर धार्मिक और कट्टर पोस्ट डालने से भी सबको मना किया गया था। पाक सेना, आईएसआई और आतंकियों से ट्रेनिंग लेकर जीशान वापस मस्कट पहुंचा और फिर सऊदी अरब चला गया। इसी साल जनवरी जीशान की शादी हुई। इसके बाद उसने यहीं आनलाइन खजूर बेचने का धंधा शुरू कर दिया।
टेरर फंडिंग में डी गैंग का पूरी तरह से कनेक्शन सामने आया है। जीशान ने पाकिस्तान के थट्टा में ट्रेनिंग ली थी। इसकी पूरी फंडिंग दाऊद गिरोह ने की थी। अनीस जीशान समेत सभी संदिग्ध आतंकियों के सीधे संपर्क में था। उसकी जिम्मेदारी संदिग्ध आतंकियों को भारत में पैसा और हथियार मुहैया कराने की थी। एटीएस और दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को जिन छह आतंकियों को गिरफ्तार किया था, उसमें मुंबई का जान मोहम्मद और ओसामा पहले से ही डी गैंग के लिए काम करते थे।