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Prayagraj News: छात्रों का शव गांव पहुंचा तो मची चीत्कार
Mon, 26 Jan 2026 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:39 AM IST
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चित्र परिचय------- दुर्घटना में मृत छात्र के घर की रोती बिलखती महिलाएं
कांटी गांव में एंबुलेंस की टक्कर से मृत दोनों छात्रों का रविवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों में चीत्कार मच गई। शनिवार को घूरपुर के कांटी गांव में बेकाबू एंबुलेंस की टक्कर से दो छात्र रिंकू पटेल पुत्र दुर्गा प्रसाद और शोभित पटेल पुत्र दारा सिंह पटेल की मौत हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस बल भी तैनात रही।
रविवार को करीब पांच बजे दोनों छात्रों का शव घर पहुंचा। इस दौरान रिंकू की मां कमला देवी अचेत हो गई। जबकि शोभित की मां निर्मला देवी को आखिरी समय तक उसकी मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। शाम को शव पहुंचने के बाद बेटे की मौत की जानकारी दी गई। इस दौरान कौंधियारा एसीपी अब्दुस सलाम खान मौके पर पहुंचे। वहीं परिवार वालों ने मोहनी का पुरवा यमुना के किनारे घाट पर दोनों छात्रों को दफनाया गया।
परिजनों को सरकारी सहायता दिए जाने की मांग
मृतक छात्रों के घरवालों की आर्थिक स्थिति खराब है। इन परिवारों के समक्ष मजदूरी ही जीने का एक बड़ा सहारा है। घरवालों को अब तक किसी भी तरीके से कोई भी आर्थिक सहायता तथा किसी भी तरह से आश्वासन न मिलने से रिश्तेदारों के चेहरे पर आक्रोश देखा जा रहा है।
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गांव के ही राजकुमार पटेल, विनोद जायसवाल, रवि यादव, अर्पित जायसवाल, सुनील सोनकर , गुड्डू पटेल आदि ने परिवार की आर्थिक हालात को देखते हुए सरकार से आर्थिक मदद के साथ-साथ दोनों परिवारों को कॉलोनी तथा कृषि हेतु भूमि पट्टा दिए जाने की मांग की है।
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रविवार को करीब पांच बजे दोनों छात्रों का शव घर पहुंचा। इस दौरान रिंकू की मां कमला देवी अचेत हो गई। जबकि शोभित की मां निर्मला देवी को आखिरी समय तक उसकी मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। शाम को शव पहुंचने के बाद बेटे की मौत की जानकारी दी गई। इस दौरान कौंधियारा एसीपी अब्दुस सलाम खान मौके पर पहुंचे। वहीं परिवार वालों ने मोहनी का पुरवा यमुना के किनारे घाट पर दोनों छात्रों को दफनाया गया।
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परिजनों को सरकारी सहायता दिए जाने की मांग
मृतक छात्रों के घरवालों की आर्थिक स्थिति खराब है। इन परिवारों के समक्ष मजदूरी ही जीने का एक बड़ा सहारा है। घरवालों को अब तक किसी भी तरीके से कोई भी आर्थिक सहायता तथा किसी भी तरह से आश्वासन न मिलने से रिश्तेदारों के चेहरे पर आक्रोश देखा जा रहा है।
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गांव के ही राजकुमार पटेल, विनोद जायसवाल, रवि यादव, अर्पित जायसवाल, सुनील सोनकर , गुड्डू पटेल आदि ने परिवार की आर्थिक हालात को देखते हुए सरकार से आर्थिक मदद के साथ-साथ दोनों परिवारों को कॉलोनी तथा कृषि हेतु भूमि पट्टा दिए जाने की मांग की है।