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मौसम हुआ बेरहम, बारिश बनकर बरसा कोहरा
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 15 Jan 2015 11:57 PM IST
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हिमालयी इलाकों से चलकर गंगा के मैदानी इलाकाें में पहुंची ठंडी पछुवा हवाओं ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पुरवइया और पछुवा के गठजोड़ के बाद कोहरा बारिश बनकर बरसा। बुधवार की रात आठ बजे से शहर से लेकर देहात तक कोहरे की ऐसी घनी चादर बिछी कि मौसम विज्ञानी भी भौचक रह गए। कोहरे व ठंड ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि माघ मेला में ठहरे कल्पवासियों व मकर संक्रांति पर स्नान करने आए स्नानार्थियों की हड्डियां कांप गई।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान ने ऐसी करवट ली कि दोनों तापमान का अंतर 3.2 डिग्री हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान 12.2 व नौ डिग्री दर्ज किया गया। मौसम का बदला मिजाज स्नानार्थियाें तीसरे दिन भी खासा भारी पड़ा। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को दोनों मेला अस्पतालों में 2802 मरीजों को इलाज कराना पड़ा। जिसमें 17 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए भर्ती करना पड़ा जबकि चार मरीजों को एसआरएन रेफर कर दिया गया। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान को अंतर बेहद कम होने से ही कोहरे का प्रकोप देखने को मिला। दोनाें तापमान में बेहद कम अंतर से ही ठंड खतरनाक हो चली है।
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अधिकतम और न्यूनतम तापमान ने ऐसी करवट ली कि दोनों तापमान का अंतर 3.2 डिग्री हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान 12.2 व नौ डिग्री दर्ज किया गया। मौसम का बदला मिजाज स्नानार्थियाें तीसरे दिन भी खासा भारी पड़ा। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को दोनों मेला अस्पतालों में 2802 मरीजों को इलाज कराना पड़ा। जिसमें 17 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए भर्ती करना पड़ा जबकि चार मरीजों को एसआरएन रेफर कर दिया गया। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान को अंतर बेहद कम होने से ही कोहरे का प्रकोप देखने को मिला। दोनाें तापमान में बेहद कम अंतर से ही ठंड खतरनाक हो चली है।
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