संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमानजी को मां गंगा ने रविवार को भोर में स्नान कराया। मां गंगा के मंदिर में प्रवेश करने पर उनका पूजन अर्चन के साथ स्वागत किया गया। जयकारों के बीच मां गंगा ने मंदिर में प्रवेश कर श्री बड़े (लेटे) हनुमानजी को स्नान कराया।
प्रयागराज: हनुमानजी को स्नान कराने के बाद गंगा-यमुना ने पकड़ी रफ्तार, रिहायशी इलाकों में हलचल बढ़ी
Prayagraj Flood : प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। रविवार शाम चार बजे तक की केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.45 मीटर, नैनी में यमुना 81.84 मीटर और छतनाग में गंगा 81.45 मीटर दर्ज की गई। तीनों स्टेशनों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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तीनों स्थानों पर बढ़ रहा जलस्तर
आयोग के आंकड़ों के अनुसार फाफामऊ, नैनी और प्रयागराज तीनों निगरानी केंद्रों पर नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि अभी गंगा और यमुना चेतावनी स्तर से नीचे हैं। फाफामऊ में अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 87.98 मीटर, नैनी में 87.99 मीटर और प्रयागराज में 88.03 मीटर दर्ज किया गया है।
बारिश नहीं, फिर भी बढ़ रहा पानी
रविवार शाम चार बजे तक तीनों केंद्रों पर संचयी दैनिक वर्षा शून्य मिलीमीटर दर्ज हुई। इसके बावजूद नदियों के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले घंटों में जलस्तर के आंकड़ों पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी रहेगी।
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। रविवार दोपहर 12 बजे तक दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ता दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते पानी से संगम क्षेत्र समेत तटीय इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। फाफामऊ में जलस्तर 81.76 पहुंच गया है, जबकि चेतावनी बिंद 83.734 है। इस तरह देख जाए तो गंगा चेतावनी बिंदु से एक मीटर 97.4 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं और बढ़ोत्तरी लगातार जारी है।
बाढ़ से निपटने के लिए विभागों को किया गया अलर्ट
जिले में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर प्रशासन सतर्क हो गया है। तटीय व निचले (कछारी) इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ का पानी संगम क्षेत्र स्थित हनुमान जी के मंदिर में प्रवेश कर चुका है। हनुमान मंदिर कॉरोडोर तीन तरफ से पानी से घिर चुका है। वहीं, लगातार बारिश भी जारी है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को तत्काल तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम आम जनमानस को बाढ़ के दौरान होने वाली कठिनाइयों से बचाने और राहत व बचाव कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए उठाया गया है।
बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता के मुताबिक गंगा नदी का फाफामऊ में 81.86 मीटर और यमुना का नैनी में 81.78 मीटर जलस्तर रिकाॅर्ड हुआ है। दूसरे प्रदेशों और जनपदों से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे प्रयागराज में नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय ने विभिन्न विभागों को सक्रिय किया है।
मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर पुलिस आयुक्त (यातायात) जैसे प्रमुख अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सिंचाई, जल निगम, लोक निर्माण विभाग और विद्युत वितरण खंड सहित कई अन्य विभागों को भी अलर्ट किया गया है। उन्हें अपने-अपने विभाग से संबंधित सभी आवश्यक कार्रवाइयां तुरंत पूरी करने को कहा गया है।
शहर में बाढ़ का खतरा, तटीय इलाकों में घुसा पानी
लगातार बारिश होने और दूसरे शहरों व राज्यों से पानी छोड़ने से अब शहर में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। गंगा व यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। गंगा की अपेक्षा यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तटीय व कछारी इलाकों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं।लोग सुरक्षित स्थानों पर सामान पहुंचाने लगे हैं। वहीं, बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में पानी पहुंच चुका है।
डीएम की ओर से संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में कर दिया गया है। अलग-अलग विभागाें के 34 अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह बाढ़ को लेकर निगरानी बनाए रखें। उधर, रसूलाबाद और दारागंज में अंत्येष्टि स्थल की तरफ भी पानी बढ़ने लगा है। महराजिन बुआ सेवा समिति, रसूलाबाद के सचिव जगदीश त्रिपाठी बताते हैं कि दो दिनों में यहां घाट पर पानी पहुंच गया है। जब तक पानी ऊपर सड़क तक नहीं आ जाता है तब तक शवों को जलाने में कोई बाधा नहीं होगी।