प्रयागराज : फरार ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ वारंट जारी कराने की तैयारी, एक करोड़ रंगदारी मांगने का दर्ज है केस
28 मई को कौशाम्बी निवासी किसान रामजीवन (48) की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में आराेपी ब्लाॅक प्रमुख ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। इस पर शपथ लेने तक उसके खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी।
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फरार चल रहे कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख व गोतस्कर गिरोह सरगना मो. मुजफ्फर पर जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा। पूरामुफ्ती पुलिस उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराने की तैयारी में है। जल्द ही इसके लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी। एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में मुजफ्फर व उसके छह भाई महीने भर से फरार हैं। अब तक उनका पता नहीं चल सका है।
28 मई को कौशाम्बी निवासी किसान रामजीवन (48) की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में आराेपी ब्लाॅक प्रमुख ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। इस पर शपथ लेने तक उसके खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। तीन जून को उसने कौड़िहार ब्लॉक में शपथ ली। हालांकि, इसके बाद रहस्यमयी तरीके से वह गायब हो गया।
पूरामुफ्ती व नवाबगंज पुलिस ने बेगम बाजार से लेकर चफरी स्थित उसके मूल निवास तक दबिश दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस टीमों ने कौशाम्बी के असरावल में स्थित उसके करीबियों के घरों पर भी दबिश दी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत गया है, लेकिन अब तक मुजफ्फर व उसके भाइयों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
इसे देखते हुए ही पुलिस उसके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी कराने की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए जल्द ही अर्जी दी जाएगी। इस मामले में एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनके हरसंभव ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
बीच रास्ते में रोककर पीटा, फिर मांगी थी रंगदारी
कौशाम्बी के सरायअकिल स्थित भगवानपुर निवासी रामजीवन (48) का आरोप है कि उनकी पत्नी आशा देवी के नाम पर अहमदपुर पावन स्थित 8320 वर्गमीटर जमीन पर 2008-09 में कब्जा कर मुजफ्फर व उसके भाई ईंट भट्ठा संचालित करने लगे थे। पिछले साल पूरामुफ्ती पुलिस व जिला प्रशासन ने जमीन को मुक्त कराते हुए उसे सौंप दिया था। तभी से मुजफ्फर के भाई व सहयोगी लगातार उसे व उसके परिवार को जान से मारने और जबरन जमीन कब्जाने की धमकी दे रहे थे।
13 मई को जमानत पर रिहा होने के बाद से मुजफ्फर उसे फिर धमकाने लगा। जमीन देने के लिए दबाव बनाने लगा। 22 मई को वह बाइक से अपने साथी भीम पुत्र गुलाबचन्द्र निवासी भीखपुर मेंडवारा के साथ शहर जा रहा था। इसी दौरान मंदर मोड़ के आगे सफेद रंग के चारपहिया वाहन से पीछा करते हुए मुजफ्फर, अपने भाई अकरम, छोटे उर्फ अशरफ, जावेद अहमद, आजम व अन्य सहयोगियों संग आया और उसे रोक लिया। फिर मारापीटा और एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।
30 से ज्यादा केस, जेल से जीता था चुनाव
नवाबगंज के चफरी का मूल निवासी मुजफ्फर अंतरजनपदीय गोतस्कर गिरोह का सरगना है। उसे 2021 में पूरामुफ्ती थाने में दर्ज गैंगस्टर के मामले में जेल भेजा गया था, जिसमें वह पिछले महीने ही जमानत पर छूटा है। इससे पहले भी वह जेल जा चुका है। जेल में ही रहकर उसने ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता था। उस पर प्रयागराज के अलावा वाराणसी, कौशाम्बी, फतेहपुर, भदोही व चंदौली में 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पिछले साल नवंबर में तत्कालीन एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में उसकी 10 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई थी। इससे पहले भी अभियान चलाकर उसकी करोड़ों रुपये की संपत्तियां कुर्क करने की कार्रवाई हुई थी।