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छुट्टी पर गए कुलपति, जांच के लिए कमेटी गठित

Fri, 21 Sep 2018 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 21 Sep 2018 02:04 AM IST
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Voter on leave, committee constituted to investigate
इलाहाबाद - फोटो : SELF
वायरल व्हाट्स एप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग का ऑडियो वायरल होने के बाद विवादों में घिरे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू छुट्टी पर चले गए हैं। मामले में जांच के लिए अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति अरुण टंडन के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर दिया गया है। साथ ही देवेश गोस्वामी को जांच कमेटी का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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कमेटी के गठन के बाद कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने कहा है कि जब तक जांच चलेगी, वह कार्यालय में प्रवेश नहीं करेंगे और अवकाश पर रहेंगे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति का प्रभार संभाल रहे प्रो. केएस मिश्र ने बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति अरुण टंडन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया। यह जांच कमेटी हाल के दिनों में हुए विवाद की गहराई से जांच करेगी। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक व्हाट्स एप चैट और ऑडियो क्लिप को लेकर विश्वविद्यालय में तनाव का माहौल बना हुआ है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. चितरंजन कुमार सिंह के अनुसार उच्च स्तरीय जांच कमेटी के नोडल अफसर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार देवेश गोस्वामी होंगे। वह जांच कमेटी में दस्तावेजों का एकत्रीकरण करेंगे और उन्हें न्यायमूर्ति अरुण टंडन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इविवि प्रशासन की ओर से छात्रों से अपील की गई है कि जांच के दौरान वे किसी तरह का धरना-प्रदर्शन न करें।
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कुलपति के मामले में गठित जांच कमेटी 24 से 26 सितंबर तक प्रकरण से जुड़े दस्तावेज एकत्रित करेगी। जिन लोगों के पास मामले में जुड़े दस्तावेज हैं, वे इस दौरान विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में आकर संबंधित सामग्री कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के मामले में जांच शुरू होने से पहले ही सवाल उठने लगे हैं। साथ ही यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि गंभीर आरोपों से घिरे प्रो. हांगलू के मामले में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने चुप्पी क्यों साध रखी है? एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र का कहना है कि कुलपति के मामले में जांच का आदेश कार्यवाहक कुलपति की ओर से जारी किया जाएगा, यह अटपटा लगता है। उनकी मांग है कि इस मामले में सीधे मंत्रालय को हस्तक्षेप करना चाहिए और मंत्रालय स्तर पर जांच कमेटी गठित होनी चाहिए। साथ ही कुलपति प्रो. हांगलू को नैतिकता के आधार पर पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
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