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मंदिर निर्माण के लिए संसद में बने कानून
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 25 Jan 2017 01:10 AM IST
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माघ मेला स्थित विश्व हिन्दू परिषद के शिविर में मंगलवार को केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक हुई। बैठक में संतों ने श्रीराम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए निर्णय एवं कानून बने, इसके लिए चैत्र वर्ष प्रतिपदा नवमी से पूर्णिमा तक पूरे देश में राम महोत्सव कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ गोहत्या पर रोक को कानून, गंगा की निर्मलता, समान नागरिक संहिता, सामाजिक समरसता पर भी चर्चा हुई।
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा कि परिषद विहिप के साथ है और रामजन्म भूमि पर मंदिर के लिए संसद में कानून आए, इसके लिए जागरण की शुरूआत करे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष मंहत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए निर्णायक लड़ाई शुरू होगी। स्वामी वासुुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि हम सरकार पर आश्रित नहीं है। संत समाज एवं हिन्दू समाज के बल पर नए वर्ष में मंदिर का निर्माण तय है। बैठक में मौजूद संतों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठख में स्वामी श्यादेवाचार्य, स्वामी गोपालजी, महंत डॉ.रामेश्वर दास, गुरु कर्मा आचार्य, अजंनेशानंद, रामरतन दास, वितेंद्र दास, डॉ.सुनील आदि मौजूद थे।
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अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा कि परिषद विहिप के साथ है और रामजन्म भूमि पर मंदिर के लिए संसद में कानून आए, इसके लिए जागरण की शुरूआत करे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष मंहत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए निर्णायक लड़ाई शुरू होगी। स्वामी वासुुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि हम सरकार पर आश्रित नहीं है। संत समाज एवं हिन्दू समाज के बल पर नए वर्ष में मंदिर का निर्माण तय है। बैठक में मौजूद संतों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठख में स्वामी श्यादेवाचार्य, स्वामी गोपालजी, महंत डॉ.रामेश्वर दास, गुरु कर्मा आचार्य, अजंनेशानंद, रामरतन दास, वितेंद्र दास, डॉ.सुनील आदि मौजूद थे।
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