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एमएनआईआईटी का वाइरोलाइजर मारेगा कोरोना वायरस
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कोरोना संकट से जूझ रही पूरी दुनिया को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिकों ने आशा की किरण दिखाई है। संस्थान के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के वैज्ञानिकों की ओर से वाइरेलाइजर 1.0 नाम का संक्रमणमुक्त करने वाला उपकरण तैयार किया गया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे किराना के सामान, फल, सब्जी, नोट, सिक्के, लेटर, फाइलें, पार्सल आदि से कोरोना वायरस को मारा जा सकता है। इस वाइरेलाइजर 1.0 नामक उपकरण में अल्ट्रावायलेट सी रेंज के दोफ्लोरसेंट ट्यूबलाइट का उपयोग किया गया है जिसमें कई तरह के कीटाणुओं, विषाणुओं को मारने की क्षमता है। इसके भीतर लगा परावर्ती ग्लास विकिरण को और भी प्रभावी बना देता है। इसका उपयोग घरों, कार्यालयों और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर किया जा सकता है।
संस्थान के निदेशक प्रो राजीव त्रिपाठी का कहना है कि बायोटेक्नोलॉजी की ओर से पारदर्शी फाइबर से वाइरोशोल्ड नामक एक फेस प्रोटेक्शन शील्ड भी तैयार की गई है। मानव संसाधन मंत्रालय के डिजाइन इनोवेशन सेंटर के प्रोजेक्ट के तहत वाइरोलाइजर 1.0 और वाइरोशोल्ड तैयार किया गया है। इसे तैयार करने वाली टीम में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के डॉ समीर श्रीवास्तव, डॉ अंबक कुमार राय, डॉ आशुतोष मणि, डॉ एनके सिंह और प्रो शिवेश शर्मा शामिल थे।
सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी बनाया एप
संस्थान के विद्यार्थियों की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी एक ऐसा एप तैयार किया गया है जो तय दूरी का उल्लंघन करने पर आवाज करने लगेगा।
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संस्थान के निदेशक प्रो राजीव त्रिपाठी का कहना है कि बायोटेक्नोलॉजी की ओर से पारदर्शी फाइबर से वाइरोशोल्ड नामक एक फेस प्रोटेक्शन शील्ड भी तैयार की गई है। मानव संसाधन मंत्रालय के डिजाइन इनोवेशन सेंटर के प्रोजेक्ट के तहत वाइरोलाइजर 1.0 और वाइरोशोल्ड तैयार किया गया है। इसे तैयार करने वाली टीम में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के डॉ समीर श्रीवास्तव, डॉ अंबक कुमार राय, डॉ आशुतोष मणि, डॉ एनके सिंह और प्रो शिवेश शर्मा शामिल थे।
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सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी बनाया एप
संस्थान के विद्यार्थियों की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी एक ऐसा एप तैयार किया गया है जो तय दूरी का उल्लंघन करने पर आवाज करने लगेगा।