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High Court : प्रो.अजीत सिंह की एचओडी नियुक्ति पर तीन हफ्ते में निर्णय लें कुलपति, हाईकोर्ट का आदेश
Sat, 16 May 2026 05:08 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 16 May 2026 05:08 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी के प्रो.अजीत सिंह को आर्थोपेडिक का विभागाध्यक्ष (एचओडी) नियुक्त करने के मामले में कुलपति को तीन हफ्ते में कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी के प्रो.अजीत सिंह को आर्थोपेडिक का विभागाध्यक्ष (एचओडी) नियुक्त करने के मामले में कुलपति को तीन हफ्ते में कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है किसी वजह से तय समय में निर्णय नहीं ले पाते हैं तो कार्यकारिणी परिषद चार हफ्ते में फैसला ले।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने प्रो.अजीत सिंह की याचिका पर दिया है। अधिवक्ता एके मालवीय ने दलील दी कि प्रो.सिंह 2011 से आर्थोपेडिक विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। विभाग में सबसे सीनियर होने के नाते नियमानुसार तीन साल के लिए एचओडी पद पर उनका कानूनी अधिकार बनता है। इसके बावजूद कुलपति ने मॉडर्न मेडिसिन संकाय के डीन (आईएमएस) को आर्थोपेडिक विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया।
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दूसरी ओर बीएचयू के अधिवक्ता हेम प्रताप सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में कुलपति और कार्यकारिणी परिषद दोनों को ही निर्णय लेने का कानूनी अधिकार प्राप्त है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कुलपति को समय सीमा के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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