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वाराणसी-हल्दिया के बाद इलाहाबाद तक जल परिवहन

Tue, 14 Jun 2016 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 14 Jun 2016 01:42 AM IST
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Varanasi to Allahabad - Haldia after water transport
भाजपा राष्ट्रीय कार्यकार‌िणी की बैठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
वाराणसी से हल्दिया के बीच जल परिवहन शुरू होने के बाद अगले चरण में वाराणसी से इलाहाबाद भी इस योजना से जुड़ जाएगा। भारतीय जनता पार्टी कार्यकारिणी समिति की बैठक में शामिल होने आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि  वाराणसी से हल्दिया तक चार हजार करोड़ रुपये की लागत से 1620 किलोमीटर लंबे जलमार्ग का काम जल्द पूरा होगा। इलाहाबाद तक इसे बढ़ाया जाएगा। जलमार्ग इस तरह बनाया जाएगा, ताकि नदी के उस हिस्से में पूरे साल गहराई में तीन मीटर से अधिक पानी उपलब्ध रहे।
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करीब 20-22 वर्ष पहले तक इलाहाबाद में छोटे मालवाहक जहाज आते थे। इन जहाजों में इफको से खाद, सतना, मैहर आदि की फैक्ट्रियों से सीमेंट लादकर दूसरे प्रदेशों में भेजा जाता था। वर्ष 2000 आते-आते यहां जल मालवाहक आना तकरीबन बंद हो गया। हालांकि बीच में एक-दो मौकों पर सीमेंट लादनेे के लिए नैनी स्थित पुराने यमुना पुल के पास जहाज आए लेकिन फिर बंद यातायात अब तक नहीं शुरू हो सका। यह इलाहाबाद के लिए दुर्भाग्य ही है कि जहां गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलने से भारी मात्रा में पानी उपलब्ध होता है, वहां जल परिवहन सिर्फ इसलिए बंद हो गया कि लगातार बदहाल हो रही नदियों पर सरकारों ने ध्यान ही नहीं दिया।
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करेलाबाग से नए यमुना पुल तक यमुना में भरपूर पानी है। इस हिस्से को वाटर स्पोर्टर्स के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। यही पानी आगे जाकर गंगा में मिलकर संगम बनता है लेकिन संगम से दारागंज, रसूलाबाद होकर कौशाम्बी, फतेहपुर, कानपुर तक गंगा जल की उपलब्धता बेहद कम होने से जल परिवहन प्रभावित हुआ है। गंगा की तलहटी गाद से पटी पड़ी है। संगम होकर मिर्जापुर की ओर बढ़ने पर भी गंगा की यही स्थिति है। भारी मात्रा में गाद जमा होने के कारण गंगा में गहराई न के बराबर है। यही वजह है कि यहां जल परिवहन पूरी तरह बंद हो गया। इसे फिर से शुरू करने के लिए सबसे गंगा से गाद ही निकालनी होगी, क्योंकि गहराई और बिना पर्याप्त मात्रा में जल परिहवन संभव नहीं है। दूसरे चरण में वाराणसी से इलाहाबाद के बीच जल परिवहन शुरू कराने की योजना पर काम शुरू किया जाएगा। ऐसा होने पर इफको समेत नैनी औद्योगिक नगरी की कई कंपनियों को अपना माल दूसरे प्रदेशों में पहुंचाने में आसानी होगी।
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