Vacancy : राजकीय कॉलेजों में पुस्तकालयाध्यक्ष के 110 पदों पर होगी भर्ती, यूपीपीएससी को भेजा गया अधियाचन
यूपी के राजकीय महाविद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर काफी समय से भर्ती नहीं हुई है। इन पदों पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सीधी भर्ती करता है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से 110 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा जा चुका है। आयोग ने भर्ती के लिए नियमावली मांगी थी, जिसे तैयार किया जा रहा है।
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प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों के 110 पदाें पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को भेजा चुका है। भर्ती के लिए नई नियमावली तैयार किए जाने का काम अंतिम चरण में है। इस बार पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
राजकीय महाविद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर काफी समय से भर्ती नहीं हुई है। इन पदों पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सीधी भर्ती करता है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से 110 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा जा चुका है। आयोग ने भर्ती के लिए नियमावली मांगी थी, जिसे तैयार किया जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि नियमावली तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है।
नियमावली को शासन से मंजूरी मिलने के बाद आयोग नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा। इस बार पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा की भूमिका महत्वपर्ण होगी। दरअसल, आयोग अब तक सीधी भर्ती में केवल इंटरव्यू में मिले अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन करता था और स्क्रीनिंग परीक्षा अभ्यर्थियों की छंटनी के लिए होती थी। स्क्रीनिंग परीक्षा में मिले अंकों की अभ्यर्थियों के चयन में कोई महत्व नहीं होता था।
आयोग ने बीते दिनों निर्णय लिया कि अब सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा के 75 फीसदी अंकों और इंटरव्यू के केवल 25 फीसदी अंकों को मिलाकर मेरिट तैयार की जा जाएगी और इसी आधार पर चयन परिणाम जारी किया जाएगा। ऐसे में इंटरव्यू से ज्यादा महत्व स्क्रीनिंग परीक्षा का होगा और इस व्यवस्था के लागू होने से यह आरोप भी नहीं लगेंगे कि इंटरव्यू में मनमाने अंक देकर किसी भी अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
वहीं, राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की सीधी भर्ती में भी यही व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए स्क्रीनिंग परीक्षा की अलग से नियमावली तैयार की गई है, जिसे शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है। यूपीपीएससी को असिस्टेंट प्रोफेसर के भी साढ़े तीन सौ पदों का अधियाचन मिल चुका है। नियमावली को शासन से मंजूरी मिलते ही आयोग इस भर्ती का विज्ञापन भी जारी कर देगा।