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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UPTET: Students raise questions about TET answer key; Commission invites objections.

UPTET : टीईटी उत्तर कुंजी पर छात्रों ने उठाए सवाल, आयोग ने आपत्तियां मांगी

Thu, 09 Jul 2026 09:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 Jul 2026 09:14 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की उत्तर कुंजी पर छात्रों ने सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव सहित अन्य छात्रों का आरोप है कि उत्तर कुंजी में कई खामियां हैं।

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UPTET: Students raise questions about TET answer key; Commission invites objections.
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik

विस्तार

उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की उत्तर कुंजी पर छात्रों ने सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव सहित अन्य छात्रों का आरोप है कि उत्तर कुंजी में कई खामियां हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को मास्टर सेट की अनंतिम उत्तर कुंजी पर कोई आपत्ति है तो वह 14 जुलाई की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकता है। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। अगर प्रश्न गलत पाए जाते हैं तो उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।

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केस : एक - संस्कृत के प्रश्न पर आपत्ति

 

तीन जुलाई को प्राथमिक स्तर की दूसरी पाली में संस्कृत द्वितीय भाषा के एक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज की गई है। आयोग ने इसका उत्तर ‘न’ माना है जबकि सही उत्तर ‘ष’ होना चाहिए। संस्कृत व्याकरण के अनुसार, ‘श, ष, स, ह’ ऊष्म वर्ण हैं। इनके उच्चारण में मुख से गर्म वायु निकलती है।

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केस : दो - आपदा प्रबंधन के प्रश्न पर आपत्ति

तीन जुलाई को जूनियर स्तर की परीक्षा में प्रश्न संख्या 146 पर भी आपत्ति है। आयोग ने विकल्प (ए) को सही उत्तर माना है। हालांकि, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 2 (डी) और यूएनडीआरआर की परिभाषा के अनुसार, आपदा एक गंभीर व्यवधान है। इससे व्यापक जन-धन और पर्यावरणीय हानि होती है और इससे निपटने की क्षमता प्रभावित समुदाय के संसाधनों से बाहर होती है। यह परिभाषा विकल्प (सी) से मेल खाती है। विकल्प (ए) आपातकालीन स्थिति का वर्णन करता है, जिसे स्थानीय संसाधनों से नियंत्रित किया जा सकता है।

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केस : तीन - हिंदी के तत्सम-तद्भव युग्म पर आपत्ति

 

 

तीन जुलाई को जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्नपत्र में तत्सम-तद्भव का सही युग्म पूछा गया था। आयोग ने ‘माता-मां’ को सही माना है। मानक हिंदी व्याकरण के अनुसार, ‘अग्नि-आग’ और ‘अक्षि-आंख’ दोनों ही प्रमाणित युग्म हैं। डॉ. हरदेव बाहरी, डॉ. धीरेंद्र वर्मा और डॉ. भोलानाथ तिवारी के हिंदी शब्दकोशों में भी ये दोनों युग्म मान्य हैं। छात्रों ने अनुरोध किया है कि विकल्प (सी) और (डी) दोनों को सही माना जाए या प्रश्न को निरस्त किया जाए।

केस : चार - मुहावरे के अर्थ पर आपत्ति

तीन जुलाई को जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्न पत्र में ‘एक आंख से देखना’ मुहावरे का अर्थ पूछा गया था। आयोग ने इसका विकल्प ‘अंधाधुंध करना’ दिया है, जो गलत है। प्रश्न संख्या-53 के संबंध में, मुहावरे का मानक अर्थ ‘सभी के साथ समान व्यवहार करना/पक्षपात न करना’ होता है। यह अर्थ राजपाल हिंदी मुहावरा और लोकोक्ति कोश और हरदेव बाहरी कृत बृहत हिंदी मुहावरा कोश में भी स्वीकृत है। अतः इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (सी) ‘समान व्यवहार करना’ होना चाहिए।

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