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मुविवि में 10 वर्ष बाद शुरू हुई शोध में प्रवेश प्रक्रिया
Fri, 27 Nov 2020 01:06 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 01:06 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में एक बार फिर से शोध (पीएचडी) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। 2010 से बंद पड़ी पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से नए छात्रों को अवसर मिलेगा। यूजीसी, राज्यपाल एवं विवि कार्य परिषद की मंजूरी के बाद कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने 26 नवंबर से शोध प्रवेश के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है। शोध में प्रवेश के लिए विवि की वेबसाइट पर आवेदन अपलोड कर दिया गया है। 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन सबमिट किए जा सकते हैं।
कुलपति ने बताया कि शिक्षाशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, कंप्यूटर विज्ञान, एग्रीकल्चर, हेल्थ साइंस, वाणिज्य, प्रबंधन, हिंदी, संस्कृत और पत्रकारिता विषय में शोध (पीएचडी) किया जा सकेगा। यूजीसी एवं भारत सरकार की ओर से अनुमति नहीं होने के चलते मुविवि में पीएचडी प्रवेश 2010 से बंद था। कुलपति की पहल और इसको लेकर प्रयास के चलते एक बार फिर बंद पड़ा पीएचडी कोर्स शुरू हो गया है। कुलपति ने बताया कि इस बार पीएचडी में प्रवेश लेने वाले को छह महीने का प्री-पीएचडी कोर्स करना होगा। प्रवेश लेने वाले छात्रों को अब अपने गाइड मुविवि से ही चुनने होंगे। अब छात्रों को बाहरी गाइड लेने की अनुमति नहीं होगी।
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कुलपति ने बताया कि शिक्षाशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, कंप्यूटर विज्ञान, एग्रीकल्चर, हेल्थ साइंस, वाणिज्य, प्रबंधन, हिंदी, संस्कृत और पत्रकारिता विषय में शोध (पीएचडी) किया जा सकेगा। यूजीसी एवं भारत सरकार की ओर से अनुमति नहीं होने के चलते मुविवि में पीएचडी प्रवेश 2010 से बंद था। कुलपति की पहल और इसको लेकर प्रयास के चलते एक बार फिर बंद पड़ा पीएचडी कोर्स शुरू हो गया है। कुलपति ने बताया कि इस बार पीएचडी में प्रवेश लेने वाले को छह महीने का प्री-पीएचडी कोर्स करना होगा। प्रवेश लेने वाले छात्रों को अब अपने गाइड मुविवि से ही चुनने होंगे। अब छात्रों को बाहरी गाइड लेने की अनुमति नहीं होगी।
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