UPRTOU : जेल में बंद कैदियों और किन्नरों के लिए मुक्त विश्वविद्यालय खोलेगा अध्ययन केंद्र
राज्यपाल ने जेल में बंद 20 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए रोजगारपरक कार्यक्रम शुरू किए जाने सहित महिला कैदियों की शिक्षा पर जोर दिया। चार से पांच वर्ष की सजा काट रहे कैदी जब बाहर आएं तो पढ़ाई-लिखाई उनके काम आए और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से जेल बंदियों और किन्नरों के लिए लर्निंग सेंटर खोले जाएंगे। बुधवार को मुक्त विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यह घोषणा की। स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर समारोह से ऑनलाइन जुड़ीं राज्यपाल ने बतौर अध्यक्ष कहा, इस लंबे सफर में मुक्त विवि ने सुदूर इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों से लेकर जेल बंदियों तक अपनी पहुंच बनाई। कैदियों को दूरस्थ शिक्षा से जोड़ा गया है, लेकिन अब तक उनके लिए लर्निंग सेंटर नहीं हैं। मुक्त विवि को जेल बंदियों के लिए लर्निंग सेंटर खोलना चाहिए।
साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय को किन्नरों को भी ऑनलाइन माध्यम से दूरस्थ शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। कहा, इसकी सूचना मुक्त विवि की वेबसाइट पर जारी की जाए। किन्नरों के लिए लर्निंग सेंटर भी खोले जाएं।
भरोसा दिलाया कि लर्निंग सेंटर खोलने में राजभवन आर्थिक सहयोग देगा। बताया, सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से क्षेत्रीय भाषा में पठन-पाठन की व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। इसके लिए पुस्तकों का अनुवाद कराकर क्षेत्रीय भाषा में ही पाठ्य सामग्री तैयार करें ताकि ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए भी शिक्षा सुलभ हो सके।
राज्यपाल ने जेल में बंद 20 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए रोजगारपरक कार्यक्रम शुरू किए जाने सहित महिला कैदियों की शिक्षा पर जोर दिया। चार से पांच वर्ष की सजा काट रहे कैदी जब बाहर आएं तो पढ़ाई-लिखाई उनके काम आए और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
राज्यपाल ने कहा, विश्वविद्यालयों को वर्षा जल का संग्रह करना चाहिए। इस दिशा में सभी विश्वविद्यालयों को प्रयास करते हुए योजना बनानी चाहिए जिससे जल का शुद्धिकरण करके उसे पीने योग्य बनाया जा सके। यह जल बागवानी में भी काम आ सके। उन्होंने शिक्षार्थियों के क्रियाकलापों को बढ़ाने के लिए खेल, संस्कृति एवं टूर समिति के गठन पर जोर दिया, ताकि संस्कृतियों और विचारों का आदान-प्रदान हो सके।