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प्रतीक्षा सूची बने तो कोई पद नहीं रहेगा खाली
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बीस साल पहले सभी परीक्षाओं की जारी होती थी वेटिंग लिस्ट
प्रतियोगियों ने फिर की मांग, पूरानी व्यवस्था लागू करे यूपीपीएससी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सभी परीक्षाओं की प्रतीक्षा सूची जारी की जाए, इस मांग ने फिर तेजी पकड़ ली है। बीस साल पहले आयोग वेटिंग लिस्ट जारी करता था लेकिन बाद में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 20 साल पुरानी व्यवस्था को पुन: लागू किया जाए।
प्रतीक्षा सूची जारी न होने के कारण आयोग की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पद खाली रह जा रहे हैं। यही वजह है कि आयोग को कुछ दिनों पहले यह विज्ञप्ति जारी करनी पड़ी कि आरओ/एआरओ-2017 के जिन अभ्यर्थियों का चयन अन्य परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पदों पर हो चुका है और वे आरओ/एआरओ की परीक्षा में अपना अभ्यर्थन निरस्त करना चाहते हैं तो आयोग को आवेदन दें। आयोग को विज्ञप्ति इसलिए जारी करनी पड़ी ताकि कोई पद खाली न रह जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग अगर 20 साल पुरानी व्यवस्था लागू कर दे तो अभ्यर्थियों से आवेदन लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वर्ष 1998 तक आयोग आरओ/एआरओ, लोअर सबऑर्डिनेट, पीसीएस समेत सभी परीक्षाओं की प्रतीक्षा सूची जारी करता था लेकिन बाद में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई और इसी वजह से पद रिक्त रह जाने की समस्या बढ़ी।
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प्रतीक्षा सूची जारी किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी। मामला 2002 का है, जब लोअर की परीक्षा में सामान्य का कटऑफ 284 अंक गया था और पांच अभ्यर्थियों का 284 अंक होने के बाद भी चयन नहीं हो सका था। मेरिट में शामिल बहुत से अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया लेकिन तब प्रतीक्षा सूची की व्यवस्था समाप्त हो चुकी थी, सो पांचों अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिला।
हालांकि इनमें से दो अभ्यर्थियों को पीसीएस-2002 में चयन हो गया और इसके बाद पीसीएस-2003 में भी दो अन्य अभ्यर्थियों का चयन हो गया। ऐसे में मुकदमे की पैरवी ढीली पड़ गई। संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग अगर पुरानी व्यवस्था लागू कर दे तो पद रिक्त रह जाने की कोई संभावना नहीं रह जाएगी और अभ्यर्थियों के लिए भी चयन के मौके बढ़ जाएंगे। उन्होंने आयोग से मांग की है कि सभी परीक्षाओं की वेटिंग लिस्ट जारी की जाए।
अभ्यर्थियों ने आवेदन नहीं किया तो खाली रह जाएगा पद
आयोग ने रिक्त पदों को भरने के लिए कवायद भले ही शुरू की हो लेकिन कोई अभ्यर्थी अगर आरओ/एआरओ परीक्षा में चयनित होने के बाद भी ज्वाइन नहीं करता है और न ही अपना अभ्यर्थन निरस्त कराने के लिए आवेदन करता है तो पद का खाली रह जाना तय है। यही वजह है कि अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं ताकि पद शतप्रतिशत भरे जा सकें।
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प्रतियोगियों ने फिर की मांग, पूरानी व्यवस्था लागू करे यूपीपीएससी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सभी परीक्षाओं की प्रतीक्षा सूची जारी की जाए, इस मांग ने फिर तेजी पकड़ ली है। बीस साल पहले आयोग वेटिंग लिस्ट जारी करता था लेकिन बाद में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 20 साल पुरानी व्यवस्था को पुन: लागू किया जाए।
प्रतीक्षा सूची जारी न होने के कारण आयोग की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पद खाली रह जा रहे हैं। यही वजह है कि आयोग को कुछ दिनों पहले यह विज्ञप्ति जारी करनी पड़ी कि आरओ/एआरओ-2017 के जिन अभ्यर्थियों का चयन अन्य परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पदों पर हो चुका है और वे आरओ/एआरओ की परीक्षा में अपना अभ्यर्थन निरस्त करना चाहते हैं तो आयोग को आवेदन दें। आयोग को विज्ञप्ति इसलिए जारी करनी पड़ी ताकि कोई पद खाली न रह जाए।
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अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग अगर 20 साल पुरानी व्यवस्था लागू कर दे तो अभ्यर्थियों से आवेदन लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वर्ष 1998 तक आयोग आरओ/एआरओ, लोअर सबऑर्डिनेट, पीसीएस समेत सभी परीक्षाओं की प्रतीक्षा सूची जारी करता था लेकिन बाद में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई और इसी वजह से पद रिक्त रह जाने की समस्या बढ़ी।
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प्रतीक्षा सूची जारी किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी। मामला 2002 का है, जब लोअर की परीक्षा में सामान्य का कटऑफ 284 अंक गया था और पांच अभ्यर्थियों का 284 अंक होने के बाद भी चयन नहीं हो सका था। मेरिट में शामिल बहुत से अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया लेकिन तब प्रतीक्षा सूची की व्यवस्था समाप्त हो चुकी थी, सो पांचों अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिला।
हालांकि इनमें से दो अभ्यर्थियों को पीसीएस-2002 में चयन हो गया और इसके बाद पीसीएस-2003 में भी दो अन्य अभ्यर्थियों का चयन हो गया। ऐसे में मुकदमे की पैरवी ढीली पड़ गई। संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग अगर पुरानी व्यवस्था लागू कर दे तो पद रिक्त रह जाने की कोई संभावना नहीं रह जाएगी और अभ्यर्थियों के लिए भी चयन के मौके बढ़ जाएंगे। उन्होंने आयोग से मांग की है कि सभी परीक्षाओं की वेटिंग लिस्ट जारी की जाए।
अभ्यर्थियों ने आवेदन नहीं किया तो खाली रह जाएगा पद
आयोग ने रिक्त पदों को भरने के लिए कवायद भले ही शुरू की हो लेकिन कोई अभ्यर्थी अगर आरओ/एआरओ परीक्षा में चयनित होने के बाद भी ज्वाइन नहीं करता है और न ही अपना अभ्यर्थन निरस्त कराने के लिए आवेदन करता है तो पद का खाली रह जाना तय है। यही वजह है कि अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं ताकि पद शतप्रतिशत भरे जा सकें।