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यूपीपीएससी : प्रधानाचार्य भर्ती की सीबीआई जांच के लिए अड़े छात्र
Sat, 14 Aug 2021 09:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 Aug 2021 09:45 PM IST
सार
- अभ्यर्थियों का आरोप, आधेे चयनितों के अनुभव प्रमाणपत्र गलत
- अभ्यर्थियों का आरोप, आधे चयनितों के अनुभव प्रमाणपत्र गलत
- संशोधित परिणाम को लेकर भी प्रतियोगी छात्र उठा रहे सवाल
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीसीएस-2018 के तहत प्रधानाचार्य, जीआईसी के 83 पदों पर हुई भर्ती का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रतियोगी छात्र प्रधानाचार्य भर्ती की सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। उनका आरोप है कि 83 में तकरीबन 40 चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाणपत्र मानक के अनुसार नहीं हैं, इसके बावजूद आयोग ने उनका चयन कर लिया।
आयोग ने पीसीएस-2018 के तहत प्रधानाचार्य के 83 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया था। अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर हुए विवाद के बाद मामला कोर्ट में गया। आयोग को पहले हाईकोर्ट और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला। ऐसे में आयोग को प्रधानाचार्य भर्ती का परिणाम संशोधित करना पड़ा। संशोधित परिणाम में आयोग ने 14 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त करते हुए उनकी जगह अन्य 14 अभ्यर्थियों का चयन किया, लेकिन न्यायालय में आयोग के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थी संशोधित परिणाम से संतुष्ट नहीं थे।
याचिका दाखिल करने वाले किसी भी अभ्यर्थी का संशोधित परिणाम में चयन नहीं किा गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अब भी तकरीबन 40 चयनित अभ्यर्थियों का अनुभव प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में नहीं है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रधानाचार्य भर्ती की सीबीआई जांच कराई जाए।
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आयोग ने पीसीएस-2018 के तहत प्रधानाचार्य के 83 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया था। अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर हुए विवाद के बाद मामला कोर्ट में गया। आयोग को पहले हाईकोर्ट और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला। ऐसे में आयोग को प्रधानाचार्य भर्ती का परिणाम संशोधित करना पड़ा। संशोधित परिणाम में आयोग ने 14 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त करते हुए उनकी जगह अन्य 14 अभ्यर्थियों का चयन किया, लेकिन न्यायालय में आयोग के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थी संशोधित परिणाम से संतुष्ट नहीं थे।
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याचिका दाखिल करने वाले किसी भी अभ्यर्थी का संशोधित परिणाम में चयन नहीं किा गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अब भी तकरीबन 40 चयनित अभ्यर्थियों का अनुभव प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में नहीं है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रधानाचार्य भर्ती की सीबीआई जांच कराई जाए।
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