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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UPPSC: Questions have also been raised on the evaluation of answer sheets of PCS-2015 main examination.

UPPSC : पीसीएस-2015 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर भी उठ चुके हैं सवाल

Sun, 09 Jun 2024 04:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 09 Jun 2024 04:23 PM IST
सार

यूपीपीएससी की भर्ती परीक्षाएं 2011 से सवालों के घेरे में हैं। एपीएस के साथ पीसीएस-2011, 2013 व 2015 की मुख्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें हुई थीं। पक्षपात करते हुए कई अभ्यर्थियों को अधिक अंक दिए जाने की शिकायत की गई थी।

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UPPSC: Questions have also been raised on the evaluation of answer sheets of PCS-2015 main examination.
यूपीपीएससी, UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीसीएस-जे से पहले भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं व मूल्यांकन में अनियमितता को लेकर सवाल उठ चुके हैं। पीसीएस-2015 मुख्य परीक्षा व अपर निजी सचिव (एपीएस) 2011 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी को लेकर सीबीआई भी एफआईआर दर्ज करा चुकी है।

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आयोग की भर्ती परीक्षाएं 2011 से सवालों के घेरे में हैं। एपीएस के साथ पीसीएस-2011, 2013 व 2015 की मुख्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें हुई थीं। पक्षपात करते हुए कई अभ्यर्थियों को अधिक अंक दिए जाने की शिकायत की गई थी। वहीं, कुछ को कम अंक दिए जाने की भी शिकायत हुई थी। इसके आधार पर अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा कराने की भी मांग की थी। अभ्यर्थियों की यह मांग तो नहीं मानी गई, लेकिन लगातार आंदोलनों के बाद सीबीआई की जांच बैठा दी गई।
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पूरे मामले की प्रारंभिक जांच के आधार पर सीबीआई की ओर से एपीएस-2011 व पीसीएस-2015 मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में गड़बड़ी की बात करते हुए एफआईआर लिखाई गई। सीबीआई 2011 से 2015 के बीच करीब 600 भर्तियों की जांच कर रही है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि सीबीआई आयोग के कई अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा लिखाए जाने की अनुमति मांग रही है, लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। आयोग की शुचिता के लिए ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।

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काॅपी दिखाने के बाद सुभाषिनी के बढ़ गए थे नंबर

पीसीएस-2015 मुख्य परीक्षा में असफल सुभाषिनी बाजपेयी ने मूल्यांकन पर आपत्ति जताई थी। आरटीआई के तहत उन्होंने कॉपी दिखाए जाने की मांग की थी। खास बात यह रही कि कॉपी दिखाए जाने के बाद उनके नंबर बढ़ गए, लेकिन तब तक उस भर्ती का अंतिम परिणाम भी घोषित हो चुका था। हालांकि, इसके बाद सुभाषिनी को मुख्य परीक्षा में सफल घोषित कर साक्षात्कार लिया गया, लेकिन अंतिम तौर पर उनका चयन नहीं हो सका था।

अजब! आरटीआई आज की और आयोग कॉपी दिखाएगा एक साल बाद

लोक सेवा आयोग की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीसीएस-2023 मुख्य परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत काॅपी दिखाने की मांग की है। अभ्यर्थी की ओर से इसी वर्ष दो मई को इसके लिए आवेदन किया गया था। हालांकि, आयोग को 15 मई को यह आवेदन मिला है। अब आयोग की ओर से पिछले दिनों पत्र जारी कर 14 मई 2025 को कॉपी दिखाने की बात कही गई है।

अभ्यर्थी को इस तारीख को दिन में तीन बजे आयोग में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। खास यह कि पीसीएस-2023 का अंतिम परिणाम भी जनवरी में घोषित किया जा चुका है। ऐसे में सालभर बाद कॉपी दिखाए जाने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रतियोगियों के अनुसार कोई भी अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका देखकर यह जानने की भी कोशिश करता है कि उससे कमी कहां रह गई। ताकि, आगे की परीक्षाओं में सुधार कर सके, लेकिन एक साल बाद काॅपी दिखाई जाएगी तो इसका बहुत औचित्य नहीं रह जाएगा। क्योंकि, इस दौरान पीसीएस की भी दो भर्तियां निकल जाएंगी।

इसके अलावा अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि यदि किसी तरह का विवाद नहीं है तो अंतिम परिणाम घोषित होने के एक साल बाद आयोग उत्तर पुस्तिकाएं नष्ट कर देता है। हालांकि, आयोग के एक अफसर के अनुसार विवाद नहीं है तो कॉपियां नष्ट की जाती हैं। यदि किसी ने एक साल के भीतर आरटीआई के तहत आवेदन किया है तो उसकी कॉपी सुरक्षित रखी जाती है।

पीसीएस-2023 मुख्य परीक्षा में ईडब्ल्यूएस का कटऑफ सामान्य से अधिक

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आयोजित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) मुख्य परीक्षा-2023 में ईडब्ल्यूएस का कटऑफ अंक सामान्य समेत सभी वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक गया है। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना पर आयोग ने यह जानकारी दी है।

मुख्य परीक्षा के एक अभ्यर्थी ने मई में ही आरटीआई के तहत पीसीएस-2023 मुख्य परीक्षा के श्रेणीवार कटऑफ अंक की सूचना की मांग की थी। इसी क्रम में आयोग की ओर से से जवाब में बताया गया है कि ईडब्ल्यूएस का कटऑफ 750 अंक गया है। वहीं, सामान्य कटऑफ 734 अंक है। खास यह कि ओबीसी का कटऑफ भी सामान्य से अधिक 738 अंक गया है। वहीं, अनुसूचित जाति का कटऑफ 703 अंक रहा।

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