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Uppsc News : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की बीडीओ परीक्षा में फर्जीवाड़ा, केस दर्ज
Thu, 04 Mar 2021 07:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 04 Mar 2021 07:37 PM IST
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uppsc
- फोटो : अमर उजाला
लोकसेवा आयोग की खंड विकास अधिकारी परीक्षा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अभ्यर्थी प्रणव ने आवेदन के समय बीएड का फर्जी प्रमाणपत्र लगाया। मामले में लोकसेवा आयोग की ओर से सिविल लाइंस थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
अनुभाग अधिकारी पवन कुमार की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि 2019 में खंड शिक्षा अधिकारी के 309 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया। अगस्त 2020 में प्रारंभिक परीक्षा और फिर दिसंबर 2020 में मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद स्क्रूटनी के दौरान अभ्यर्थी प्रणव पुत्र अशोक कुमार गुप्ता निवासी बिंदकी फतेहपुर का बीएड प्रमाणपत्र संदिग्ध लगा।
आरोप है कि मामले में जांच कराने पर सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज की ओर से दी गई आख्या में बताया गया कि अभ्यर्थी के बीएड के समस्त सेमेस्टर के अंकपत्र फर्जी हैं। क्योंकि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से बीएड पाठ्यक्रम का संचालन नहीं किया जाता। यह भी बताया गया कि संबंधित अंकपत्र डीएलएड प्रशिक्षण 2017 से संबंधित हैं जिसमें छेड़छाड़ करते हुए डीएलएड के स्थान पर बीएड किया गया है। तहरीर में कहा गया है कि अभ्यर्थी का यह कृत्य अपराध है, जिस संबंध में मुकदमा दर्ज किया जाए। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही हे।
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अनुभाग अधिकारी पवन कुमार की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि 2019 में खंड शिक्षा अधिकारी के 309 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया। अगस्त 2020 में प्रारंभिक परीक्षा और फिर दिसंबर 2020 में मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद स्क्रूटनी के दौरान अभ्यर्थी प्रणव पुत्र अशोक कुमार गुप्ता निवासी बिंदकी फतेहपुर का बीएड प्रमाणपत्र संदिग्ध लगा।
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आरोप है कि मामले में जांच कराने पर सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज की ओर से दी गई आख्या में बताया गया कि अभ्यर्थी के बीएड के समस्त सेमेस्टर के अंकपत्र फर्जी हैं। क्योंकि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से बीएड पाठ्यक्रम का संचालन नहीं किया जाता। यह भी बताया गया कि संबंधित अंकपत्र डीएलएड प्रशिक्षण 2017 से संबंधित हैं जिसमें छेड़छाड़ करते हुए डीएलएड के स्थान पर बीएड किया गया है। तहरीर में कहा गया है कि अभ्यर्थी का यह कृत्य अपराध है, जिस संबंध में मुकदमा दर्ज किया जाए। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही हे।
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