UPPSC NEWS : बीईओ के 309 पदों का अंतिम चयन परिणाम घोषित, शीर्ष तीन में दो बेटियां
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मुख्य परीक्षा-2019 का परिणाम घोषित कर दिया है। बीईओ के सभी रिक्त 309 पदों पर अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया है। मेरिट में शीर्ष तीन स्थानों में दो पर बेटियों का कब्जा रहा। वहीं, कुल 309 में से 70 पदों पर महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। बीईओ की मुख्य परीक्षा पिछले साल छह दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसमें 4182 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा परिणाम आयोग की वेबसाइट एवं सूचना बोर्ड पर भी उपलब्ध है।
मेरिट में प्रणव ने शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि प्रिया पांडेय को दूसरा और कविता चौहान को तीसरा स्थान मिला है। गौरव कुमार शुक्ला और धीरज कुमार अस्थाना क्रमश: चौथे एवं पांचवें स्थान पर रहे। आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से औपबंधिक है। सभी अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्र आदि के सत्यापन के बाद नियुक्ति की संस्तुति शासन को प्रेषित की जाएगी।
सत्यापन के बारे में अलग से सूचना जारी की जाएगी। परिणाम में सम्मिलित उत्तर प्रदेश के बाहर की महिला अभ्यर्थियों का परिणाम उच्च न्यायालय में दाखिल अपील में पारित अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। परीक्षा के प्राप्तांक एवं श्रेणीवार कटऑफ अंक की सूचना नियुक्ति की संस्तुति प्रेषित करने के बाद आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। इस बारे में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्रार्थनापत्र प्रेषित न किए जाएं।
साढ़े तेरह माह में पूरी हुई चयन प्रक्रिया
बीईओ के 309 पदों पर चयन की प्रक्रिया तकरीबन साढ़े तेरह माह में पूरी हुई। बीईओ के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 13 दिसंबर 2019 को शुरू हुई थी। आवेदन की अंतिम तिथि 13 जनवरी 2020 और ऑनलाइन परीक्षा शुल्क बैंक में जमा करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी 2020 निर्धारित की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा की तिथि 22 मार्च 2020 प्रस्तावित थी। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए गए थे, लेकिन लॉक डाउन के कारण आयोग को परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी।बाद में प्रारंभिक परीक्षा 16 अगस्त 2020 को 17 जनपदों के 1127 केंद्र में आयोजित की गई थी। पांच लाख 28 हजार 314 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से दो लाख 33 हजार 393 यानी 44.18 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। कोविड के कारण आधे से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी। प्रारंभिक परीक्षा में 4591 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इनमें से मुख्य परीक्षा के लिए 4385 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और 95 फीसदी अभ्यर्थियों ने उपस्थित दर्ज कराई थी।